नेत्रदान के बाद गरीब मरीजों को प्रत्यारोपित हुईं कॉर्निया व पुतली सागर. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग को हालही में नेत्र दान से मिली कॉर्निया व पुतली को जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित कर दिया गया है। कॉर्निया ट्रांसप्लांट से जहां 2 बुजुर्गों के आखों की रोशनी लौटी वहीं एक 19 वर्षीय युवती की […]
नेत्रदान के बाद गरीब मरीजों को प्रत्यारोपित हुईं कॉर्निया व पुतली
सागर. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग को हालही में नेत्र दान से मिली कॉर्निया व पुतली को जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित कर दिया गया है। कॉर्निया ट्रांसप्लांट से जहां 2 बुजुर्गों के आखों की रोशनी लौटी वहीं एक 19 वर्षीय युवती की पुतली भी बदल दी गई है।
बीएमसी प्रबंधन ने बताया कि कॉर्निया प्रत्योपण की पहली सर्जरी 65 वर्षीय ग्रामीण क्षेत्र के बुजुर्ग की गई। एक वर्ष पहले उसकी बाईं आंख में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद आंखों में सूजन आ गई थी और रोशनी चली गई थी। दूसरी सर्जरी शहर के एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की गई। वह पहले फल बेचकर गुजारा करते थे और उनकी एक आंख बचपन से ही खराब थी वहीं दूसरी आंख 15 वर्ष पूर्व चोट के कारण से सफेद हो गई थी। वहीं तीसरी सर्जरी 19 वर्षीय युवती की हुई उसकी आंख में बचपन से ही गठान थी, जिससे वह आंख बंद करने में परेशान होती थी। युवती की पुतली के कुछ हिस्से को बदला गया। तीनों मरीज सर्जरी के बाद स्वस्थ हैं। इसमें नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे, डॉ. सारिका चौहान, डॉ. अंजली विरानी पटेल और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।