सागर

पेयजल नेटवर्क की दो चाबियां गंदे पानी के नीचे आईं, घरों में दूषित पानी पहुंचना तय

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Updated: 17 Jan 2026, 7:13 PM IST
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नाव मंदिर के पास यह लापरवाही की गंदगी है, जो बिना नाली बनाए दूर करना मुश्किल, शुक्रवारी, शनिचरी, लाजपतपुरा वार्ड के घरों से निकलने वाले दूषित पानी निकासी के लिए नहीं कोई व्यवस्था

सागर. परकोटा नाव मंदिर के पास बार-बार सड़क पर जमा हो रहे दूषित पानी को लेकर पत्रिका पड़ताल में बड़ा खुलासा हुआ है। तीन मढ़िया से परकोटा वाले मुख्य मार्ग पर शुक्रवारी, शनिचरी, लाजपतपुरा वार्ड के घरों से आने वाले दूषित पानी की निकासी के लिए कई जगह नाले बने थे। जब उक्त मार्ग को कंक्रीट कर नए सिरे से बनाया गया तो सभी नालों को बंद कर दिया, जिससे शुक्रवारी, शनिचरी, लाजपतपुरा वार्ड के घरों से आने वाले पानी की निकासी के लिए जगह नहीं मिल रही है और आए दिन नाव मंदिर के पास गंदा पानी जमा हो रहा है। विशेषज्ञों की माने तो यदि नगर निगम प्रशासन ने उक्त क्षेत्र में नाले का निर्माण नहीं किया तो मंदिर के पास दूषित पानी जमा होने की समस्या हमेशा बनी रहेगी।

तीन वार्डों में दूषित पानी पहुंचना तय

नाव मंदिर के पास पेयजल नेटवर्क की दो चाबियां लगीं हुईं हैं, जो जलापूर्ति के समय खोली जाती हैं। यह दोनों ही चाबियां दूषित पानी में डूबी रहती हैं, जिससे उनके जरिए घरों तक दूषित पानी पहुंचना तय है। शहर में साफ-स्वच्छ पेयजल पहुंचे, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यह ऐसी लापरवाही है, जो कभी भी दूषित पानी पीने से बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकती है।

झील में नाला ट्रैपिंग की व्यवस्था, फिर क्यों नहीं रोकी जल निकासी

लाखा बंजारा झील में आसपास के आबादी क्षेत्र से दूषित पानी झील में न मिले, इसको लेकर स्मार्ट सिटी योजना के तहत नाला ट्रैपिंग कराया गया है। तीन मढ़िया से परकोटा तक सड़क बनाने वाली एजेंसी से निगम प्रशासन नाला का निर्माण करवा सकता था, लेकिन जिम्मेदारों ने लापरवाही कर दी, जिससे अब क्षेत्र में दूषित पानी जमा हो रहा है।

स्थानीय लोग जाहिर कर रहे हैं गुस्सा

मंदिर के पास कई दिनों से जमा हो रहे नालियों के दूषित पानी से स्थानीय लोगों में प्रशासन के विरुद्ध गुस्सा पनप रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं करता है, तो उन्हें मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा।

नाव मंदिर के पास जल निकासी की समस्या पूर्व में आई थी, जिसको व्यवस्थित किया था। यदि वहां नाली का पानी जमा हो रहा है, तो आज ही उसको दुरुस्त करवाते हैं।
- राजकुमार खत्री, निगमायुक्त

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17 Jan 2026, 7:13 PM IST
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