एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद हो पाई जांच, भगवान भरोसे अस्पताल, डिप्टी सीएम के आदेश भी हो रहे बेअसर साबित
बीना. सिविल अस्पताल में डिप्टी सीएम ने निरीक्षण कर ड्यूटी में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए थे, लेकिन ड्यूटी करना, तो दूर दो रेप पीड़िता महिलाओं का मेडिकल कराने में 28 घंटे लग गए। इसके बाद एसडीएम को सूचना दी गई और उन्होंने सीएमएचओ से बात की, तब कहीं जाकर मेडिकल जांच हो सकी।
बीना थानांतर्गत अलग-अलग वार्ड निवासी दो महिलाओं के साथ रेप की घटना हुईं थीं और इन मामलों में गुरुवार को पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इसके बाद शाम गुरुवार शाम करीब 4 बजे पुलिस के साथ महिलाओं मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल भेजा था, लेकिन वहां महिला डॉक्टर मौजूद नहीं थीं। डॉ. पल्लवी यादव की जानकारी ली, तो स्टाफ ने बताया कि वह घर चली गई हैं और दूसरे दिन एमएलसी होगी। इसके बाद शुक्रवार दिन में दो बार फिर महिलाओं की जांच कराने अस्पताल लेकर पुलिस पहुंची, लेकिन डॉ. प्रगति श्रीवास्तव के न मिलने से जांच नहीं हो सकी। इसके बाद शाम को थाना प्रभारी अनूप यादव ने एसडीएम को सूचना देकर पूरा मामला बताया। एसडीएम ने सीएमएचओ को फोन लगाया और फिर रात 8 बजे डॉ. प्रगति ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। इस मामले ने यह तो बता दिया है कि डॉक्टरों में मानवीय संवेदनाएं भी नहीं बची हैं, जिससे रेप पीडि़ता को जांच के लिए भटकना पड़ा।
कराएंगे मामले की जांच
सूचना मिलने पर सीएमएचओ से बात की थी और इसके बाद महिला डॉक्टर ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। रेप पीड़िताओं की 28 घंटे बाद मेेडिकल जांच होना गंभीर लापरवाही है, जिसकी जांच कराकर रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जाएगी।
विजय डेहरिया, एसडीएम, बीना
भेज दिया था डॉक्टर को
सूचना मिलने के बाद महिला डॉक्टर को भेजकर मेडिकल कराया गया है। देरी क्यों हुई इसकी जांच कराएंगे।
डॉ. ममता तिमोरी, सीएमएचओ, बीना