
पिछले 12 दिन से शहर का तापमान 40 डिग्री के पार बना हुआ है। तापमान बढ़ते ही घरों-दुकानों में बिजली की खपत भी बढ़ गई है। शहर के सभी क्षेत्रों में बिजली का लोड करीब 10 प्रतिशत बढ़ गया है। मई से भी ज्यादा बिजली लोड अप्रेल में ही हो गया है, जिससे ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रहीं हैं। रविवार को शहर के 2 ट्रांसफार्मर और 10 से ज्यादा जगहों पर बिजली लाइनों में आग लग गई।
मोतीनगर क्षेत्र के लेहदरा नाका में 11 केवी के ट्रांसफार्मर में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि यहां एक होटल में जब भी शादी समारोह होता है, तो क्षेत्र में बिजली लोड बढ़ जाता है। होटल में तो बिजली वोल्टेज अच्छा रहता है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के घरों में वोल्टेज लो हो जाता है। बीती रात यहां बिजली लोड बढ़ने से हादसा हो गया। टांसफार्मर में आग लगी तो पूरी रात क्षेत्र में अंधेरा छाया रहा।
मकरोनिया रजाखेड़ी बजरिया क्षेत्र में कचरा में लगी आग ने पहले बॉक्स में और फिर ट्रांसफार्मर में आग पकड़ ली। यहां बिजली का लोड बढ़ा था, लेकिन हादसा कचरा की आग के कारण हुआ। वहीं मकरोनिया के प्रकाश डेयरी के यहां लोड बढ़ा तो बिजली लाइन ही पिघल गई। आनन-फानन में लाइन बंद करके बदली गई। यहां करीब 2-3 घंटे तक बिजली बाधित रही।
रविवार की दोपहर तिली स्थित जियामापुरम, सदर के कजलीवन मैदान, सिविल लाइन स्थित इंद्रा कॉलोनी सहित शहर की घनी बस्तियों में 10 से ज्यादा जगहों पर बिजली लाइनें या तो पिघल गईं या फिर उनसे धुआं निकलने लगा। आग के बाद बिजली लाइनों से निकली चिंगारी देखकर लोगों ने बिजली कंपनी को सूचना दी। पूरे दिन बिजली कर्मचारी लाइनों का लोड मेंटेन करते रहे। कई लाइनें बदली गईं, तो कुछ जगह मरम्मत कार्य के बाद बिजली बहाल हो पाई।
तापमान बढ़ने से लोड बढ़ रहा है। बीते साल की तुलना में इस सीजन ज्यादा बिजली लोड बढ़ने की आशंका है। रविवार को अलग-अलग जगह हुई आग की घटनाओं में कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई की। मकरोनिया के ट्रांसफार्मर में आग का कारण वहां पड़ा कचरा था, बाकी अन्य जगह बिजली लोड बढ़ना कारण है।
अजीज खान, मेंटेनेंस प्रभारी बिजली कंपनी।