
बीएमसी में पीड़ितों से मिलते मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (फोटो सोर्स: Patrika)
Sagar News :मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है तो वहीं, अब भी कई बीमार बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। सोमवार को इन्हीं बीमारों का हालचाल जानने एमपी के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बीएमसी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ितों का हालचाल जाना, साथ ही अस्पताल प्रबंधन को इलाज से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मंत्री राजपूत ने कहा कि, जहरीली शराब कांड में जान गंवाने वालों के परिवारों को सरकार जल्द आर्थिक सहायता देगी। उन्होंने दावा किया कि, तीन दिन में परिजन के बैंक खातों में मुआवजे की राशि पहुंचाई जाएगी।
इस दौरान मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि, मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जहरीली शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई भी लगातार जारी है। दूसरी तरफ मामले ने सियासी रंग भी ले लिया है। विपक्ष के हमलों को लेकर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयानों पर भी तंज कसा है।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को लेकर कहा कि, वो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बन गए हैं, बावजूद इसके उनमें अभी बचपना भरा है। उन्हें राजनीति में और गंभीर होने की जरूरत है। इतने गंभीर मामले में राजनीति करने के बजाय सभी को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए। राहत पहुंचाने के लिए काम करना चाहिए। इसके अलावा, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को उनकी पार्टी और हाईकमान गंभीरता से नहीं लेते। वे राजनीतिक सुर्खियों में बने रहने के लिए ट्वीट कर अनर्गल बयान देते रहते हैं। राजपूत ने दिग्विजय सिंह को 'ट्वीट मास्टर' बताते हुए कहा कि, 'वे बिना शहद के छत्ते की तरह हैं, जिसमें से शहद और मधुमक्खियां गायब हो गई हैं और अकेला छत्ता घूमता रहता है।'
मंत्री राजपूत ने कहा कि, दूषित शराब पीने से जिन लोगों की मौत हुई है या जो लोग प्रभावित हुए हैं, उनके परिवारों को तीन दिन के भीतर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि, जिन पीड़ितों के पास संबल कार्ड नहीं है, उन्हें बी चिंता करने की आवश्यक्ता नहीं। उन्हें भी नियमानुसार ही मुआवजा दिया जाएगा। सरकार इस घटना को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि, सरकार पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
बीएमसी में भर्ती मरीजों में से तीन की आंखों में गंभीर परेशानी की जानकारी सामने आई। इनमें सुनील विश्वकर्मा, सुल्तान सिंह और गोविंद अहिरवार शामिल हैं। मंत्री ने तत्काल तीनों को बेहतर इलाज के लिए भोपाल एम्स भेजने के निर्देश देते हुए उन्हें रेफर करने की व्यवस्था कराई। उन्होंने भोपाल एम्स के डॉक्टरों से फोन पर चर्चा कर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। इसके बाद अब तीनों मरीजों को भोपाल रवाना कर दिया गया है।
Updated on:
14 Sept 2026 08:47 pm
Published on:
14 Sept 2026 08:47 pm
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