जय विज्ञान : अगले साल जुलाई में शुरू होगा परीक्षण, 2030 तक बाजार में आएगी
टोक्यो. माना जाता है कि दांत एक बार टूट जाएं तो नए दांत उगना नामुमकिन है, लेकिन जापान के वैज्ञानिक ऐसी दवा पर काम कर रहे हैं, जो नए दांत उगाने में मदद कर सकती है। यह दुनिया की पहली ऐसी दवा होगी, जो प्राकृतिक रूप से नए दांत उगाएगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह हर उम्र के लोगों पर असरदार होगी। यह उन लोगों के लिए वरदान होगी, जिनके दांत कैविटी के कारण खराब हो गए हैं।
जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक क्योटो विश्वविद्यालय के टोरेगेम बायोफार्मा में यह दवा विकसित की जा रही है। वैज्ञानिक अगले साल जुलाई से इसका परीक्षण शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षण सफल रहा तो 2030 तक दवा बाजार में उपलब्ध होने की संभावना है। मनुष्यों और जानवरों के पास समान रूप से टूथ बड्स होती हैं। ये बच्चों में नया दांत बनाने की क्षमता रखती हैं। उम्र बढऩे के साथ ये बड्स विकसित नहीं होतीं और अंत में गायब हो जाती हैं। टोरेगेम बायोफार्मा ने इसी को लेकर एंटीबॉडी दवा विकसित की है। यह मुंह में उन प्रोटीन्स को बनने से रोकती है, जो टूथ बड्स के विकास में बाधक हैं।
जानवर को दवा दी, विकसित हुए दांत
वैज्ञानिकों ने 2018 में नेवले की जाति के जानवर फेरेट को एंटीबॉडी दवा दी थी। इससे उसमें नए दांतों का सफलतापूर्वक विकास हुआ। इंसानों की तरह फेरेट के दांत भी बचपन में टूटकर फिर उगते हैं और उम्र ज्यादा होने पर हमेशा के लिए टूट जाते हैं। टोरेगेम बायोफार्मा अब एनोडोंटिया के रोगियों पर दवा के परीक्षण की योजना बना रही है। एनोडोंटिया के मरीजों के कुछ या सभी स्थायी दांत गिर चुके होते हैं।
समस्याओं के हल में अहम भूमिका
परीक्षण के तहत दांतों के विकास के लिए बच्चों को इंजेक्शन लगाया जाएगा। ओसाका में टोरेगेम बायोफार्मा के सह-संस्थापक और किटानो अस्पताल के डेंटिस्ट कात्सु ताकाहाशी ने कहा, किसी बच्चे के दांत गायब होने से उसके जबड़े की हड्डी के विकास पर असर पड़ सकता है। हमें उम्मीद है कि दवा ऐसी समस्याओं को हल करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।