भारतीय सेना ने हिममानव का पदचिन्ह खोज निकालने का दावा कुछ दिन पहले ही किया था। वहीं दूसरी ओर चिली के वैज्ञानिकों की टीम ने 15 हजार साल पुराना पदचिन्ह खोज निकाला है।
भारतीय सेना ने हिममानव का पदचिन्ह खोज निकालने का दावा कुछ दिन पहले ही किया था। वहीं दूसरी ओर चिली के वैज्ञानिकों की टीम ने 15 हजार साल पुराना पदचिन्ह खोज निकाला है। वैज्ञानिकों का दावा है कि अमरीका में खोजे गए पदचिन्ह से भी ये पदचिन्ह पुराना है। इस खोज के बाद अब मनुष्यों के दक्षिणी अमरीका प्रवास के समय सारिणी को लेकर चिंतन शुरू हो गया है। अधिकतर साक्ष्यों की मानें तो मनुष्य दक्षिणी अमरीका के पैटागोनिया में 12 हजार साल पहले ही पहुंचा था। वैज्ञानिक मॉरेनो के अनुसार दाएं पैर का जो पदचिन्ह मिला है वो एक वयस्क व्यक्ति का है।
सबसे पुराने पदचिन्ह से जुड़ा शोध हाल ही प्लोस-वन जर्नल नाम की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। शोध पत्र के मुताबिक वैज्ञानिकों को पदचिन्ह वर्ष 2010 में चिली के ऑशोर्नो में मिला था देश के दक्षिणी भाग में स्थित है। हालांकि वैज्ञानिकों की टीम पदचिन्ह मिलने के बाद अध्ययन में लगी रही जिससे इसके बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई जा सके। शोध का खुलासा होने के बाद वैज्ञानिकों ने शोध को और अधिक तेज रफ्तार दे दी है।
जानवरों के पदचिन्ह ने वैज्ञानिकों को किया था हैरान
1986 के दौर में ओसमो के वैज्ञानिकों ने विशालकाय जानवरों के पदचिन्ह खोज निकाले थे जिसे देख सभी हैरान रह गए थे। इन पदचिन्हों पर लंबे समय तक रिसर्च चली थी। इसमें हाथी जैसा दिखने वाला जानवर मैस्टोडॉन्स, घोड़े जैसा दिखने वाला पैलियो लैमा मिला था जो अब पूरी तरह लुप्त हो चुके हैं। तंजानिया में मानव चदचिन्ह 3.6 मिलियन वर्ष पहले मिला था। 1978 में वैज्ञानिकों को यहीं पर गीली ज्वालामुखी की राख पर मनुष्यों के पदचिन्ह मिले थे। पिछले साल ब्रिटिश कोलंबिया में वैज्ञानिकों ने 13 हजार साल पुराना पदचिन्ह खोजा था। इसपर शोध के दौरान पता चला कि ये पदचिन्ह काफी युवा उम्र वर्ग के लोगों के थे।