वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसी दवा विकसित की है जो आंखों की रोशनी बनाए रखने में मदद कर सकती है।
नई दिल्ली। अगर आपको अपनी आंखों से प्यार है और आप इन आंखों से ताउम्र देखते रहना चाहते हैं तो आपको आज से ही इनकी देखभाल करनी होगी। क्योंकि संक्रमण के कारण आंखों की रोशनी जा सकती है हालांकि अब वैज्ञानिकों ने इस खतरे से बचने का रास्ता खोज निकाला है। बता दें कि वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसी दवा विकसित की है जो आंखों की रोशनी बनाए रखने में मदद कर सकती है।
आंख की कॉर्निया पारदर्शी होती है, इसलिए इसे श्वेत पटल भी कहते हैं। लेकिन किसी प्रकार का संक्रमण होने या चोट लगने से इस पर दाग या धब्बा पड़ जाने से यह पारदर्शी नहीं रह जाती है, जिससे आंखों की रोशनी प्रभावित होती है। इसके अलावा कभी-कभी अंधा होने का भी खतरा बना रहता है। ऐसे में इससे बचने के लिए वैज्ञानिकों ने एक आई-ड्रॉप तैयार की है। इसमें फ्लुइड जेल के साथ-साथ जख्म को भरने वाला प्रोटीन डेकोरीन है जो जख्म को जल्द से जल्द भर के ठीक कर देता है।
इस बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि यह फ्लुइड जेल आंख की पटल की सुरक्षा करने में कारगर है। अनुसंधान में पाया गया है कि आई-ड्रॉप लेने के कुछ दिनों में इसका असर दिखने लगता है। बता दें कि फ्लुइड जेल एक नया पदार्थ है जो ठोस से तरल अवस्था में बदल सकता है। मतलब यह खुद आंख की पटल पर फैल जाता है और उस पर बना रहता है, जिससे धीरे-धीरे आंखों का धुंधलापन समाप्त हो जाता है। वहीं अनुसंधान करने वाले विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एन. लोगान ने कहा कि आई ड्रॉप में यह नया फ्लुइड जेल आंखों की पटल पर डेकोरीन प्राप्त करने के लिए बनाया गया है।