खाने की टेबल पर फोन को जगह देना अच्छी बात नहीं है। टेबल पर फोन कॉल और अलर्ट मैसेज का जवाब देने में ज्यादा समय गुजर जाता है। परेशानी उस वक्त बढ़ जाती है जब साथ बैठा व्यक्ति ये बिलकुल पसंद नहीं करता है।
खाने की टेबल पर फोन को जगह देना अच्छी बात नहीं है। टेबल पर फोन कॉल और अलर्ट मैसेज का जवाब देने में ज्यादा समय गुजर जाता है। परेशानी उस वक्त बढ़ जाती है जब साथ बैठा व्यक्ति ये बिलकुल पसंद नहीं करता है स्मार्ट वॉच पहनते हैं तो उससे बात करने की कोशिश न करें। नहीं तो यह भी बड़ी परेशानी हागी।
इनिंग टेबल पर फोन का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति खाने का मजा नहीं ले पाता है। इसका असर यहां तक होता है कि उस खाद्य पदार्थ में शामिल पोषक तत्त्व शरीर को पूरी तरह नहीं मिल पाते हैं। अमरीका के एमिली पोस्ट इंस्टीट््यूट के को-प्रेसिडेंट डेनियल पोस्ट सेनिंग का कहना है कि खाने की टेबल पर फोन का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अपनी इस बुरी आदत के बारे में पता नहीं चल पाता है कि वे क्या कर रहे हैं पर दूसरों की नजर में उन्हें अशिष्ट माना जाता है।
आदत इतनी खराब होती है जिसमें व्यक्ति अलर्ट ट्यून पर फोन में नजरे गड़ाए रखता है। परिवार और दोस्तों के एकसाथ रहने के बावजूद फोन की वजह से एक दूसरे से बात नहीं करते हैं। ये आदत लोगों को सामाजिक संरचना से दूर कर रही है जिससे बचने के लिए समय रहते संभलना होगा। सभी को खुद के लिए सख्त नियम बनाना होगा कि वे खाने की टेबल पर जाने से पहले फोन बंद कर देंगे। इससे उनकी कई परेशानियां हल हो जाएंगी।
रिपोर्ट : जुरा कॉन्सिस, वाशिंगटन पोस्ट से विशेष अनुबंध के तहत