ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज रेल लाइन के काम को लेकर उत्तर-मध्य रेलवे ने तय किया लक्ष्य।
श्योपुर. यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो न केवल आगामी 19 महीनों में ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज रेल लाइन का काम पूरा हो जाएगा, बल्कि मार्च 2025 तक श्योपुर में रेल भी दौड़ने लगेगी। इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे मार्च 2025 तक काम पूरा करने का लक्ष्य तय कर लिया है। इसमें चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है, जिसमें पहले चरण का काम पूरा हो गया और टेस्टिंग चल रही है।
200 किमी. का है श्योपुर-ग्वालियर ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के महाप्रबंधक सतीश कुमार बीते दिनों श्योपुर आए थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को जरुरी दिशा निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने बताया कि लगभग 200 किलोमीटर के ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज रेल लाइन प्रोजेक्ट का काम अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है। जिसमें ग्वालियर से सुमावली तक का काम पूरा हो गया और टेस्टिंग भी हो गई है। इसमें हम इसी सितंबर या अगले महीने मेमू ट्रैन चलाने की स्थिति में हैं। इसके बाद दिसंबर तक सुमावली से कैलारस, मार्च 2024 तक कैलारस से सबलगढ़ तक काम हो जाएगा और फिर सबलगढ़ से श्योपुर तक का काम मार्च 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा और इस ट्रैक पर रेल का संचालन शुरू हो जाएगा।
19 महीने में पूरा होगा प्रोजेक्ट
श्योपुर से ग्वालियर तक 200 किलोमीटर का रेल प्रोजेक्ट लगभग 3 हजार करोड़ रुपए का है, जिसमें चरणबद्ध तरीके से काम चल रहा है। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो न केवल आगामी 19 महीनों में ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज रेल लाइन का काम पूरा हो जाएगा, बल्कि मार्च 2025 तक श्योपुर में रेल भी दौड़ने लगेगी।
शहर से 6 किमी दूर बर्धा में स्टेशन का काम शुरू
श्योपुर-ग्वालियर ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट के तहत श्योपुर शहर का रेलवे स्टेशन 6 किलोमीटर दूर बर्धा में बनेगा। इसके लिए काम शुरू हो गया है। लगभग 80 बीघा भूमि पर स्टेशन निर्माण का लेआउट दिया गया, जिसका निरीक्षण उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के महाप्रबंधक सतीश कुमार ने निरीक्षण भी किया। बताया गया है कि ये स्टेशन भारत सरकार की अमृत भारत योजना में शामिल है, जिसके चलते न केवल ये हाइटेक सुविधाओं से युक्त होगा, बल्कि विश्वस्तरीय बनेगा। इसके डिजायन और ड्राइंग के लिए श्योपुर के इतिहास और संस्कृति को भी खंगाला जाएगा।
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