mp news: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील में वर्ष 2021 में हुए बाढ़ राहत घोटाले में आरोपी तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की जमानत अर्जी पर होगी सुनवाई।
mp news: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील में वर्ष 2021 में हुए बाढ़ राहत घोटाले में आरोपी तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की जमानत अर्जी पर मंगलवार को प्रथम अपर सत्र न्यायालय श्योपुर(विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार अधिनियम) में सुनवाई होगी।
इसके साथ ही तहसीलदार अमिता सिंह तोमर(tehsildar amita singh tomar flood relief scam) के निलंबन को लेकर भी मंगलवार को चंबल कमिश्नर सुरेश कुमार कार्रवाई करेंगे। हालांकि नियमों के मुताबिक 48 घंटों से ज्यादा लोक सेवक के जेल में निरुद्ध रहने पर स्वत: ही निलंबन मान जाता है, लेकिन अभी छुट्टियां होने के चलते कमिश्नर द्वारा आदेश जारी नहीं किया जा सका।
उल्लेखनीय है कि ढाई करोड़ के बाढ़ राहत घोटाले में आरोपी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गत 26 मार्च को बड़ौदा पुलिस ने ग्वालियर स्थिति उनके आवास से गिरफ्तार किया और श्योपुर न्यायालय में पेश किया था। जिसके बाद उन्हें न्यायालय ने महिला जेल शिवपुरी के लिए भेज दिया।
बताया गया है कि आरोपी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर(tehsildar amita singh tomar) ने अपनी जमानत के लिए गत 28 मार्च को प्रथम अपर सत्र न्यायालय श्योपुर(विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार अधिनियम) आवेदन लगाया, लेकिन 29 मार्च को को रविवार और 30 मार्च को महावीर जयंती का अवकाश होने के चलते आज 31 मार्च को सुनवाई होगी।
तहसीलदार अमित सिंह तोमर के गिरफ्तार होने संबंधी सूचना श्योपुर कलेक्टर की ओर से आ चुकी है। चूंकि अभी छुट्टियां थी, लिहाजा मंगलवार को इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।- सुरेश कुमार,कमिश्नर, चंबल संभाग मुरैना
सूत्रों से पता चला है कि जेल पहुंचने के बाद तहसीलदार अमिता सिंह से जब जेल के स्टाफ ने नाम पूछा तो अपना नाम बताने से मना करते हुए कहा कि वारंट में लिखा है। इतना ही नहीं चक्कर आने की शिकायत भी की जिसके बाद डॉक्टर से जांच कराने पर स्वास्थ्य सामान्य निकला। शुक्रवार सुबह जब जेल में नियमित प्रक्रिया महिला जेल प्रहरियों द्वारा की जा रही थी तब भी अमिता सिंह ने अपनी अफसरगिरी दिखाने की कोशिश की और महिला प्रहरियों से कहा कि तुम मुझे जानती नहीं हो, मैं एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट हूं। इसके बाद जेल अधिकारियों ने उन्हें काव्यवहार सामान्य रखने की समझाइश दी है।
तहसीलदार अमिता सिंह तोमर 2011 में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन-5 में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं। तब से उन्हें ‘KBC वाली मैडम’ के नाम से बुलाया जाने लगा था। सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट डालकर प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताने और संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर अमिता तोमर निलंबित भी हो चुकी हैं। इतना ही नहीं 14 साल की नौकरी में 25 तबादले होने पर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भी लिखा था और इसके कारण भी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर मीडिया की सुर्खियां बनी थीं।