- दादिया थाना पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बजाय सिर्फ वाहन जब्त कर की थी खानापूर्ति, हिस्ट्रीशीटर मनोज महला कई बार गांव आकर भी गया - बदमाश सीकर के आसपास की विवादित जमीनों को खरीदकर करोड़ों में बेचते हैं, खुलेआम जमीनों पर कब्जे भी करवा रहे
सीकर. आरके 0056 गैंग का सरगना हिस्ट्रशीटर रविंद्र कटेवा का गुर्गा मुकुंदगढ़ थाने का हिस्ट्रशीटर व 10 हजार रुपए का इनामी बदमाश मनोज महला पिछले साढ़े चार माह से कई राज्यों में फरारी काटकर जयपुर में जानकारों के यहां रुक रहा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हिस्ट्रशीटर मनोज महलापीड़ित सुरेश कुमार मुंवाल के हाथ-पैर तोड़ने की घटना के बाद पांच दिन तक अपने गांव बलरियां, मुकुंदगढ़ में ही रहा। वहीं सरगना हिस्ट्रशीटर रविंद्र कटेवा सहित अन्य आरोपी भी नवलगढ़ व आसपास के क्षेत्र में ही रहे लेकिन एफाईआर दर्ज होने के बाद भी उस दौरान दादिया थाना पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। दादिया थाना पुलिस व एसएचओ ने सिर्फ एक-दो जेसीबी व कैंपर जब्त कर खानापूर्ति की थी, जबकि वे चाहते तो आरोपियों को उसी समय पकड़ सकते थे। यही कारण रहा कि आरके 0056 गैंग का सरगना हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा सहित मुख्य आरोपी फरार होने में कामयाब रहे और साढ़े चार माह बाद भी पुलिस के हाथ नहीं आ पा रहे हैं। आरोपी मनोज महला कई राज्यों में फरारी काटने के दौरान इंटरनेट कॉलिंग करता था और कई बार चोरी छिपे अपने घर बलरियां भी आकर गया था। आरोपी को दादिया थाना पुलिस ने रिमांड पर लिया है।
इनामी बदमाश हिस्ट्रीशीटर मनोज महला ने सबसे पहले नारनौल, हरियाणा, रेवाड़ी, बावल में फरारी काटी। पुलिस सूत्रों को जासूसी लगने पर वह दिल्ली चला गया था। दिल्ली में भी अलग-अलग जगह छिपता रहा। बीच-बीच में आरोपी चोरी छुपे अपने गांव बलरिया स्थित अपने घर पर आता था और चला जाता था। आरोपी करीब 15 दिन से जयपुर में रह रहा था। वह जयपुर में अलग-अलग जानकारों के पास रूकता था ताकि पुलिस को संदेह नहीं हो सके। सीओ सिटी प्रशांत किरण की टीम ने आरोपी को मुरलीपुरा, जयपुर से स्कॉर्पियाे कार सहित गिरफ्तार किया था। आरोपी मनोज महला शादीशुदा है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर मनोज महला को फरारी के दौरान रुपए, गाड़ियां व अन्य सुविधाएं आरके 0056 ग्रुप के रविंद्र कटेवा व उसके गुर्गों ने ही उपलब्ध करवाई थी। आरोपी मनोज महला काफी दिनों तक रविंद्र कटेवा व उसकी गैंग के अन्य लोगों से इंटरनेट कॉलिंग के जरिए संपर्क में रहा था। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास के कई प्रयास के मामले दर्ज हैं। फरार हिस्ट्रशीटर रविंद्र कटेवा पर 25 हजार व विकास बाटड़, संदीप गिल, रोहित कुमार और सोनू ढाका पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित है।
दादिया थाना पुलिस की लापरवाही का खामियाजा पूरे जिले की फोर्स व जांच अधिकारी को भुगतना पड़ रहा है। पुलिस जवान, डीएसटी टीम, उद्योग नगर थाना पुलिस, सीकर कोतवाली थाना पुलिस पिछले साढ़े चार माह से अपराधियों को पकड़ने के लिए दिन-रात मशक्कत कर रही है। क्षेत्र में दहशत का माहौल है और बदमाश अब भी खुलेआम जमीनों पर कब्जे रहे हैं। पिछले दिनों
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरके ग्रुप 0056 के सरगना हिस्ट्रशीटर रविंद्र कटेवा, उसका गुर्गा हिस्ट्रशीटर मनोज महला और 5600 ग्रुप के सरगना महेंद्र धींवा निवासी गुंगारा सहित इनके गुर्गे सीकर शहर के आसपास, दादिया, कुड़ली, भादवासी, गुंगारा, कटराथल, सिंहासन, बेरी, भजनगढ़, दौलतपुरा, लक्ष्मणा का बास, गुमाना का बास, पिपराली सहित आसपास के शहर से सटे गांवों में गरीब, पीड़ित व शोषित परिवार को चिन्हित कर उसे कर्जा देकर या डरा धमका कर सस्ती जमीनें खरीदने का काम करते हैं। ये बदमाश विवादित जमीन को औने-पौने दामों में खरीदकर उस पर कब्जा कर लेते हैं।