
फोटो: पत्रिका
सीकर. मास्टर प्लान 2041 को निरस्त करने की कार्यवाही के बीच सरकार इसमें संशोधन की राहें भी तलाश रही है। यदि संभव हुआ तो पुराने मास्टर प्लान को संशोधनों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सीकर के मास्टर प्लान में देरी के लिए कांग्रेेस जिम्मेदार है। कांग्रेस राज में तैयार हुए मास्टर प्लान में कई गड़बड़ी हुई, इसलिए पांच हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हो गई। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान 2041 के प्रारूप पर दर्ज आपत्तियों का विश्लेषण कराया जा रहा है। यूडीएच मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान में गड़बड़ी की एक वजह यह भी कि सेटेलाइट नक्शों के आधार पर मास्टर प्लान तैयार हो जाता है और भौतिक रुप से हालात कुछ और ही होते है। इसलिए अब प्रदेश में मास्टर प्लानों की सख्ती से पालना कराने के लिए आवश्यक किया जा रहा है कि सेटेलाइट नक्शे के साथ भौतिक आधार पर सत्यापन होगा। प्रदेश में इस कवायद की शुरूआत शिक्षानगरी से होगी। उन्होंने कहा कि अब मास्टर प्लान के साथ जोनल व सेक्टर प्लान भी साथ ही तैयार किए जाएंगे।
यूडीएच मंत्री ने कहा कि सीकर यूआइटी सीमा का और विस्तार किया जाएगा और इसकी कवायद जारी है। यूआइटी की सीमा का विस्तार होने के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ाने के लिए सिटी बसों के नए रूट खोले जाएंगे।
खर्रा ने कहा कहा कि शेखावाटी में पेयजल संकट ही सबसे बड़ी समस्या है। यमुना जल प्रोजेक्ट की यदि 2021 में डीपीआर बनाने का कांग्रेस दावा करती है तो कांग्रेस को सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने कहा यमुना जल प्रोजेक्ट को लेकर कई सालों से सिर्फ राजनीति ही हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा शेखावाटी की धरती पर यमुना का पानी लाने की है।
Updated on:
16 Feb 2026 12:37 pm
Published on:
16 Feb 2026 12:37 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
