
सीकर. एक ओर नवरात्र में कन्या पूजन कर बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सीकर में नवजात बच्ची का शव मिलने से लोगों में दुख और आक्रोश का माहौल है। मारू पार्क के पीछे शनिवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया। एक श्वान नवजात बच्ची के शव को मुंह में दबाकर घूम रहा था। इसी दौरान एक महिला की नजर उस पर पड़ी। महिला ने हिम्मत दिखाते हुए श्वान के मुंह से शव को छुड़ाया।
प्रत्यक्ष घटनाक्रम के अनुसार, श्वान बच्ची के शव को लेकर घूम रहा था और उसके सिर को मुंह में दबाकर भाग रहा था। इस दौरान बच्ची का एक हाथ भी श्वान खा चुका था। महिला ने साहस दिखाते हुए शव को उसके मुंह से छुड़ाया। घटना देखकर आसपास मौजूद लोग और राहगीर स्तब्ध रह गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर उद्योग नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाधिकारी राजेश कुमार बुडानिया ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे नवजात का शव मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद एएसआइ रतनलाल को घटनास्थल पर भेजा गया। उन्होंने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।
108 एंबुलेंस के ईएमटी अनिल कुमार नारनौलिया ने नवजात बच्ची के शव को मौके से उठाया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को एसके अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने नवजात बच्ची का अंतिम संस्कार करवाया।
एएसआइ रतनलाल के अनुसार, मामले में संदीप माथुर ने एफआइआर दर्ज करवाई है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक के मुताबिक, बच्ची करीब छह माह की प्री-मैच्योर थी। उसकी गर्भनाल पर प्लास्टिक की क्लिप लगी हुई थी। इस आधार पर प्रसव किसी अस्पताल या क्लिनिक में होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, प्रसव कहां हुआ और बच्ची का शव वहां से मारू पार्क के पीछे कैसे पहुंचा, इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
नवरात्र के दौरान सामने आई इस घटना ने नवजात की सुरक्षा और उसे इस हालत में छोड़ने के मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और दर्ज रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच कर रही है।