जनवरी के पहले सप्ताह में होने वाले सीतापुर जिला पंचायत के चुनाव में बड़े हंगामें के आसार अभी से प्रबल हो गये हैं क्यूंकि पार्टी हाई कमान के द्वारा आज अंतिम फैसला ले लिया है। सूत्रों की माने तो हाल ही में सीतापुर सपा कार्यालय में भिड़े सपा नेताओं को शीर्ष नेताओं ने लखनऊ बुलाकर दोबारा ऐसे घटना न होने की हिदायत दे दी है।
फिलहाल टिकट को लेकर पार्टी की ओर से न ही सीमा गुप्ता का नाम काटा गया और न ही विधायक रामपाल यादव के पुत्र जितेन्द्र यादव को टिकट के लिए ग्रीन सिग्नल दिया गया है लेकिन इतना तो तय है टिकट किसी का भी हो चुनाव के दौरान हंगामे के आसार बने हुए है और इसके लिए प्रशासन और पुलिस दोनों को ही सतर्क रहने की आवश्यकता है।
वर्चस्व की लड़ाई को अंतिम दौर तक लड़कर जितने की ख्वाहिश में पार्टी के फैसले पर बगावत का बिगुल बजा चुके सीतापुर के सपा विधायक रामपाल यादव को शीर्ष नेताओं की ओर से विवाद न बढ़ने की नसीहत दी है। सूत्रों की माने तो लखनऊ में रामपाल और शिव कुमार दोनों का पक्ष जानने के बाद पार्टी लाइन से हटकर निर्णय लेने वाले नेताओं पर कार्यवाही किये जाने की बात भी कही गयी लेकिन टिकट के फैसले को सुरक्षित कर लिया गया।
वही शिव कुमार गुप्ता की माने तो सब कुछ पॉजिटिव है। पार्टी की ओर से उनको चुनाव् की तैयारी किये जाने के संकेत साफ कर दिए गये है। तो दूसरी तरफ विधायक का पक्ष उनसे संपर्क न हो पाने की वजह से नहीं लिया जा सका।
प्रशासन और पुलिस को करनी होगी विशेष तैयारी नहीं तो होगी रार
पार्टी सूत्रों से मिल रही जानकारी को माने तो शिव कुमार गुप्ता की पत्नी सीमा गुप्ता का टिकट लगभग फाइनल है। ऐसे में सीतापुर के जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में बड़ी रार देखने को मिल सकती है। रामपाल और शिव कुमार समर्थकों के बीच हो सकने वाले इस विवाद को लेकर सीतापुर जिला प्रशासन यदि ठोस तैयारियां नहीं करेगा तो गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
रामपाल के समर्थन में कई सपा नेता भी हो सकते हैं बागी
जिला पंचायत अध्यक्ष के सीतापुर चुनाव से कई और तरह के चेहरों की हकीकत के सामने आने के आसार हैं। सूत्रों की माने तो कई सपा नेता विधायक रामपाल यादव के समर्थन में पार्टी के निर्णय के आगे बगावती मुद्रा में नजर आ सकते हैं। जिसके पीछे रामपाल से मजबूत सम्बन्ध बनाना और नई पार्टी में अपनी नई जगह की तलाश शुरू करना बड़ी वजह मानी जा सकती है।