27 साल की सबालेंका की इन चार सालों में एकमात्र हार पिछले साल के फाइनल में मैडिसन कीज से तीन सेट में चौंकाने वाली हार थी, जिससे उनका लगातार तीसरा ऑस्ट्रेलियन ओपन टाइटल जीतने का सपना टूट गया।
Australian Open 2026: ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का सेमीफ़ाइनल मुक़ाबला वर्ल्ड नंबर 1 आर्यना सबालेंका और 12वीं सीड एलिना स्वितोलिना के बीच खेला गया। मेलबर्न में 76 मिनट तक चले इस हाईवोल्टेज मुक़ाबले में सबालेंका ने स्वितोलिना को 6-2, 6-3 से हरा चौथी बार फ़ाइनल में जगह बनाई। यह रॉड लेवर एरिना में उनकी 27 मैचों में से 26वीं जीत है। इसी के साथ वह पांचवें ग्रैंड स्लैम टाइटल के करीब पहुंच गईं हैं।
27 साल की सबालेंका की इन चार सालों में एकमात्र हार पिछले साल के फाइनल में मैडिसन कीज से तीन सेट में चौंकाने वाली हार थी, जिससे उनका लगातार तीसरा ऑस्ट्रेलियन ओपन टाइटल जीतने का सपना टूट गया। सबालेंका का ताज फिर से जीतने का मौका अमेरिका की छठी सीड जेसिका पेगुला या पूर्व विंबलडन चैंपियन एलेना रायबाकिना के बीच होगा, दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार को बाद में खेला जाएगा।
सबालेंका, जिन्होंने टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया है, ने कहा, "काम अभी खत्म नहीं हुआ है।" स्वितोलिना, जो अपना चौथा ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल खेल रही थीं, एक बड़ी अंडरडॉग के तौर पर उतरीं, लेकिन साल की अच्छी शुरुआत के बाद कॉन्फिडेंस के साथ उन्होंने आखिरी आठ में नंबर 3 कोको गॉफ को हराकर नई ऊंचाइयों को छुआ।
लेकिन सबालेंका के जबरदस्त ग्राउंडस्ट्रोक्स के सामने उनका कोई चांस नहीं था, शायद उनका सबसे अच्छा बैकहैंड क्रॉसकोर्ट बुलेट था जिसने 41 मिनट का पहला सेट जीत लिया। मुश्किलों के बावजूद, स्वितोलिना ने दूसरे सेट में 2-0 की बढ़त बना ली, इससे पहले कि सबालेंका ने अपनी ज़बरदस्त हिटिंग फिर से शुरू की और एक ज़बरदस्त फोरहैंड विनर ने उन्हें लगातार चौथे फ़ाइनल में जगह दिलाई।
मैच में दोनों खिलाड़ियों ने न हाथ मिलाया और न ही तस्वीर खिंचवाई। दरअसल, मैच शुरू होने से पहले दोनों खिलाड़ी नेट के पास आकर एक दूसरे के साथ तस्वीर खिंचवाते हैं और एक दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। हालांकि, स्वितोलिना ने सबालेंका के खिलाफ ऐसा करने से इनकार कर दिया और सबालेंका ने वहां मौजूद बॉल गर्ल के साथ तस्वीर खिंचवाई। इसके बाद मैच के दौरान भी दोनों के बीच छिटपुट घटनाएं देखने को मिलीं।
2022 के बाद यूक्रेनी खिलाड़ियों और रूस या बेलारूस से जुड़ी खिलाड़ियों के बीच ऐसे दृश्य अब आम हो चुके हैं। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद और बेलारूस की भूमिका को देखते हुए, ऐसे मुकाबले सिर्फ टेनिस तक सीमित नहीं रह गए हैं। इन मैचों में हाथ मिलाने की परंपरा लगभग खत्म हो चुकी है। एलिना स्वितोलिना इस मुद्दे पर सबसे मुखर खिलाड़ियों में से एक रही हैं। वह कई बार खुलकर कह चुकी हैं कि ऐसे मुकाबले उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद मुश्किल होते हैं और हाथ न मिलाना उनके लिए एक संदेश देने जैसा है।