आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित छात्रावासों में नियम विरुद्ध तरीके से बनाए गए
टीकगढ़/जतारा.आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित छात्रावासों में नियम विरुद्ध तरीके से बनाए गए अधीक्षक का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी जमे हुए हैं। आए दिन इन अधीक्षकों पर भ्रष्टाचार व मनमाने तरीके से कार्य करने का आरोप लगाया जा रहा है। यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने यहां पदस्थ अधीक्षकों को अन्यत्र भेजे जाने की मांग की है। इस संबंध में अभिभावकों व जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र भेजा है।
पत्र में बताया गया है कि टीकमगढ़ जिले के जतारा अनुभाग में संचालित छात्रावासों में शिक्षक पदस्थ हैं और अपने चहेता अधीक्षकों को प्रभार दिया गया है। इन्हें तीन साल के लिए पदस्थ किया गया था लेकिन उन्हें चार वर्ष हो गए हैं। विदित हो कि जतारा के शासकीय उत्कृष्ट बालक छात्रावास अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण छात्रावास जतारा में अधीक्षक के पद पर अनुराग श्रीवास्तव बीते चार साल से पदस्थ हैं। वे जतारा विकासखंड के कुं वरपुरा में माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ हैं। इसी तरह लारखुर्द के शासकीय बालक छात्रावास में शिक्षक डालचंद अहिरवार चार वर्ष से पदस्थ हैं। वहीं, दूसरी ओर शासकीय बालिका छात्रावास सर्व शिक्षा अभियान के छात्रावास में पदस्थ रचना गौतम का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है। सूत्रों का कहना है कि रचना गौतम छात्रावास अधीक्षक पद छोडऩे के लिए प्रयास कर रही हैं लेकिन विभाग के द्वारा अभी तक उनका प्रभाव नहीं बदला गया है। इसी प्रकार चंदेरा में प्रेम नारायण सैनी के पास अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के छात्रावास अधीक्षक का प्रभार है। जबकि शासकीय कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास सिमरा खुर्द में तारा सिद्दीकी अधीक्षक पद पर तैनात हैं इनका कार्यकाल पूरा हो चुका है।
ग्राम बमोरी कला गांव में संचालित अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के बालिका छात्रावास अधीक्षक के पद पर प्रेमकुंवर बंसल छह वर्ष से पदस्थ हैं। इसी प्रकार जतारा के अनुसूचित जाति सीनियर छात्रावास में विमला का कार्यकाल पूरा हो चुका है। सूत्रों का कहना है कि जतारा अनुभाग में संचालित अन्य छात्रावासों के अधीक्षक भी विभागीय अधिकारियों की ÓकृपाÓ से कार्यकालय समाप्त होने के बाद भी जमे हुए हैं। इसको लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
इनका कहना
यह बात सही है कि छात्रावासों के अधीक्षकों का कार्यकाल पूरा हो चुका है लेकिन कर्मचारियों के अभाव में उनके प्रभार नहीं बदले गए हैं। जल्द ही अन्य कर्मचारियों को छात्रावासों का प्रभार दिया जाएगा।
एमए सिद्दीकी, जिला संयोजक, आदिम जाति कल्याण विभाग टीकमगढ़।