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‘यह चाय हमेशा याद रहेगी’, कलेक्टर ने चाय की चुस्की लेते ही किसान के बेटे से कही ये बात

MP News: खेत में खाट पर सोए कलेक्टर, सुबह की नीम की दातुन, टहलते हुए खेत में पहुंचे तो किसान के बेटे ने पिला दी ऐसी चाय की बोले- 'हमेशा याद रहेगी यह चाय'।

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tikamgarh

collector Vivek Shrotriya remembers salt tea served by farmers son

MP News: कभी-कभी जिंदगी में ऐसे वाकये हो जाते हैं जो जिंदगीभर याद रहते हैं। ऐसा ही एक वाकया टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के साथ हुआ है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को एक किसान के बेटे ने सुबह-सुबह ऐसी चाय पिला दी जिसकी चुस्की लेते ही कलेक्टर ने कहा ये चाय हमेशा याद रहेगी। दरअसल चाय में शक्कर की जगह नमक था। पूरा वाक्या टीकमगढ़ जिले के जुड़ावन गांव का है जहां कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय रात्रि चौपाल लगाने के बाद गांव में ही रात में रुके थे।

खेत में खाट पर सोए कलेक्टर, सुबह की नीम की दातुन

कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय शुक्रवार की रात जुड़ावन गांव में रात्रि चौपाल लगाने के लिए पहुंचे। उन्होंने यहां प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत रात्रि चौपाल लगाई । कलेक्टर ने एसडीएम संस्कृति लिटौरिया, तहसीलदार सत्येंद्र गुर्जर के साथ मिलकर न केवल लोगों की समस्याओं को सुना बल्कि उनका निराकरण भी किया। यहां पर कलेक्टर ने राजस्व से जुड़े 35 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण कराया। साथ ही कलेक्टर श्रोत्रिय ने सभी हितग्राहियों के नंबर लिए ताकि उनके आदेश बनाकर उन्हें व्यक्ति रूप से संपर्क कर दिए जा सके। चौपाल के बाद कलेक्टर ने रात गांव में ही गुजारी, वो एक खेत में खाट पर सोए और सुबह नीम की दातुन की।

हमेशा याद रहेगी ये चाय- कलेक्टर

सुबह नीम की दातुन करने के बाद कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय तहसीलदार सत्येन्द्र गुर्जर के साथ टहलते हुए एक किसान के खेत पर पहुंचे तो वहां एक किसान का बेटा चूल्हे पर चाय बना रहा था। कलेक्टर ने चाय बनती देखी तो वहीं पर किसान के साथ बैठ गए। कुछ देर बाद चाय तैयार हुई और किसान का बेटा चाय लेकर आया। कलेक्टर ने जैसे ही पहली चुस्की ली, उन्हें चाय में नमक का स्वाद मिला। उन्होंने किसान से पूछा कि क्या आप लोग नमक की चाय पीते हैं। इस पर किसान बोला नहीं साहब, शक्कर की पीते हैं। कलेक्टर बोले फिर मुझे नमकीन स्वाद क्यों आ रहा है। इस पर किसान ने भी चुस्की ली तो चाय में सच में नमक था। इस पर किसान का लड़का बोला कि लगता है गलती से शक्कर की जगह नमक डाल दिया है। जिस पर कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए कहा ये चाय हमेशा याद रहेगी।

रात 12 बजे सोए, सुबह 5 बजे खुली नींद

कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने गांव में रात्रि विश्राम के बारे में बताया कि बहुत लंबे समय बाद प्रकृति के बीच इस प्रकार से रात बिताई है। उन्होंने बताया कि रात 12 बजे के लगभग सोए तो सुबह 5 बजे अपने आप नींद खुल गई और बहुत अच्छा और हल्का महसूस हुआ। इसके बाद नीम की दातुन तोड़कर मुंह साफ किया, फिर किसान के बेटे ने नमक वाली चाय पिला दी।