उदयपुर

राजस्थान में घूमने आयें, तो जरूर देखें भारत का दूसरा सबसे बड़ा शाही महल; 1 दिन का किराया 4 लाख रुपए

City Palace Udaipur : उदयपुर में देश का दूसरा सबसे बड़ा राजमहल है। यहां स्थित सिटी पैलेस (राजमहल) को अपनी तरह का सबसे बड़ा शाही महल माना जाता है।
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May 30, 2024
City Palace, Udaipur is the second largest royal palace of India

उदयपुर। झीलों का शहर उदयपुर में देश का दूसरा सबसे बड़ा राजमहल है। यहां स्थित सिटी पैलेस (राजमहल) को अपनी तरह का सबसे बड़ा शाही महल माना जाता है। महल की खूबसूरती और इस पर उकेरी गई नक्काशी आज भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र है। आज से लगभग 470 वर्ष पूर्व महाराजा उदय सिंह II द्वारा इसकी नींव रखी गई थी और करीब 400 वर्ष की अवधि के दौरान मेवाड़ के 22 महाराजाओं ने इसे विस्तार दिया और कई किले बनवाए, जो इसे आज देश ही नहीं बल्कि दूनिया का सबसे बड़ा राजमहल बनाता है।

इस पैलेस में शीश महल, मोती महल, दिलकुश महल, कृष्णा विलास, शंभू निवास (अब शाही निवास), भीम विलास, अमर विलास और फतेह प्रकाश जैसे कई हिस्से हैं। इसमें से कुछ हिस्सों में आमलोगों की एंट्री संभव है जबकि कुछ हिस्से आज भी उदयपुर के राजपरिवार का निवास स्थान है।

यहां स्थित लग्जरी होटल में ठहरने का किराया एक लाख से अधिक

यहां स्थित 'फतेह प्रकाश' और 'शिव निवास' को राजशाही परिवार के द्वारा लग्जरी होटल में तब्दील किया है जहां आमलोग ठहर कर राजशाही अनुभव का आंनद ले सकते है। लेकिन इसके लिए यहां जो किराया निर्धारित है, वह साधारण लोगों की जेबों पर ना सिर्फ भारी पड़ेगी बल्कि उनकी महीनों की कमाई एक दिन में चपत कर जाएगी। होटल के आधिकारिक बेवसाइट के अनुसार, यहां रुकने के लिए एक दिन का किराया 44 हजार से शुरू होकर 4 लाख तक है।

हालांकि इस पैलेस के एक हिस्से में बने म्यूजियम को केवल 400 रुपए की प्रति व्यक्ति फीस के बाद महाराणाओं द्वारा इस्तेमाल की गई कई चीजें व किले की खूबसूरती को नजदीक से देख सकते हैं। और हां इसमें प्रवेश के बाद आप उदयपुर की भव्य सुंदरता को भी करीब 2 हजार फीट की उंचाई से देख सकते हैं क्योंकि यह अरावली पर्वत माला के उपर 2 हजार फीट की उंचाई पर बनी है।

सिटी पैलेस, उदयपुर (City Palace Udaipur) क्यों है खास

देश और राजस्थान में कई ऐतिहासिक किले हैं, लेकिन उदयपुर में स्थित सिटी पैलेस अपने इतिहास, बनावट और भव्यता के लिए खास है। यह एक मात्र पैलेस है जिसे मेवाड़ के 22 महाराजों ने विस्तार दिया है जिसमें महाराणा प्रताप शामिल हैं। इस राजमहल का वास्तुशिल्प डिजाइन, जिसमें रंगीन शीशे, मिरर, नक्काशियां, मूर्तियां और चित्रण राजस्थानी कला का प्रतीक है। वहीं महल में लगे ग्रेनाइट और मार्बल इसकी सुंदरता में चार चांद लगाते हैं।

Updated on:
30 May 2024 07:55 pm
Published on:
30 May 2024 07:55 pm