
उदयपुर .
जयपुर मेंं हत्या व अलवर में व्यापारी के अपहरण व लूट की घटना के खुलासे के बाद प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि पुलिस ने दोनों ही घटनाओं में त्वरितता से काम करते हुए आरोपियों को न केवल पकड़ा बल्कि लूट के 19 लाख रुपए भी बरामद किए। इस घटनाओं के बाद कुछ लोगों का आलोचना स्वरूप कहना है कि विभाग पर मेरी पकड़ नहीं है, मैं सोचता हूं अगर पकड़ नहीं होती तो लगातार चौथे साल क्राइम कम नहीं होता।
गृहमंत्री ने कहा कि राजस्थान पहला राज्य है जिसमें वर्ष 2015 से 2018 के बीच आईपीसी के अपराध निरंतर घटे हैं। इन चार सालों में 22 प्रतिशत अपराध में गिरावट आई है। भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत में कटारिया ने कहा कि मैं मानता हूं, कुछ कमियां रहती है, उसकी आप आलोचना करें मुझे कोई एतराज नहीं। कभी-कभी पुलिस अच्छा काम करती है तो आपकी ओर से थोड़ा सा मनोबल बढ़ाने में मदद मिले तो मैं सोचता हूं कि उसे काम करने में और आनंद की अनुभूति होगी।
अलवर में कुछ ही देर में खोल दी वारदात
कटारिया ने कहा कि अलवर में मार्बल शो-रूम के मालिक मनोज का अपहरण कर लूटपाट की वारदात को पुलिस ने कुछ ही देर में वारदात खोलते हुए बड़ी अनहोनी को टाल दिया था। वारदात के 10 से 15 मिनट बाद ही सूचना मिलने पर पुलिस ने कड़ी नाकाबंदी की तो आरोपी व्यापारी की गाड़ी को एक जगह छोडकऱ भाग निकले। गाड़ी छोडऩे से पुलिस ने उसी वक्त अंदाजा लगा लिया कि आरोपी ज्यादा बाहर नहीं जा सकते। पुलिस ने घेराबंदी व सर्च अभियान कर छह आरोपियों को पकड़ राशि बरामद कर ली। वारदात में पूर्व में कार्य करने वाला नौकर ही शामिल था, उसे पता था कि शो-रूम पर प्रतिदिन कितना कलेक्शन होता है, इसके चलते उसने वारदात को अंजाम दिया। आरोपी काफी शातिर था उसने 10 से 11 बजे बीच पुलिस ड्यूटी बदलने के दौरान आने वाले गेप का फायदा उठाया। पूरी घटना में पुलिस की कड़ी नाकाबंदी के साथ ही जनता को काफी सहयोग मिला। इसी तरह जयपुर के मानसरोवर इलाके में एएसपी के परिवार में हुई हत्या की वारदात को भी पुलित ने त्वरिता से खोल दिया। इस हत्याकांड को आसानी से खोलना संभव नहीं था लेकिन एसपी व उनकी टीम ने जयपुर के अलावा बाहरी स्तर पर टीमें लगाकर वारदात को ट्रेस किया।