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Udaipur : 8 दिन से मोर्चरी में शव, गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अडे़ परिजन, कोटड़ा में बढ़ा तनाव

Udaipur : उमेश गमार हत्याकांड में आठवें दिन भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। कोटड़ा थाने के मैदान में ग्रामीणों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
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उदयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 5 Sep 2026, 10:01 PM IST

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Umesh Gamar murder case : कोटड़ा थाने के सामने गांधी मैदान में जुटे ग्रामीण। फोटो पत्रिका

Udaipur : उदयपुर के कोटड़ा में रक्षाबंधन के दिन एक हमले में घायल गांधी सरना निवासी उमेश गमार की उपचार के दौरान मौत के बाद कोटड़ा में मामला लगातार गरमाता जा रहा है। आठ दिन गुजरने के बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। मृतक का शव कोटड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखा है और परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक दाह संस्कार नहीं करने पर अड़े हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस जब तक हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस मांग को लेकर वे लगातार पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

संदिग्ध युवकों को थाने लाए तो भड़का विरोध

दूसरी ओर, पुलिस द्वारा मामले में कुछ संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए थाने लाए जाने की सूचना मिलते ही दूसरे पक्ष के परिजन और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने युवकों को निर्दोष बताते हुए पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और थाने के सामने गांधी मैदान में जुटना शुरू कर दिया। शनिवार को देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण गांधी मैदान में एकत्रित हो गए। लोगों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और निर्दोष युवकों को परेशान नहीं करने की मांग की। भीड़ बढ़ने के साथ पुलिस-प्रशासन भी सतर्क हो गया।

एक ही मामले में आमने-सामने दो पक्ष

एक तरफ मृतक के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार करने की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरे पक्ष के ग्रामीण पूछताछ के लिए लाए गए युवकों को निर्दोष बताते हुए विरोध कर रहे हैं। ऐसे में आठ दिन बाद भी उमेश का शव मोर्चरी में रखा होना और दोनों पक्षों की अलग-अलग मांगों को लेकर बढ़ता दबाव कोटड़ा में तनाव की स्थिति को और गंभीर बना रहा है।

वाकली पुलिया से नदी में गिरी श्रद्धालुओं की जीप

एक अन्य खबर के अनुसार धरियावद-उदयपुर-बांसी मार्ग पर वाकली पुलिया के समीप शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। श्री सांवलिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी जीप शनिवार तड़के अनियंत्रित होकर पुलिया से सीधे नीचे सुखली नदी में जा गिरी। गनीमत रही कि हादसे में सभी 10 यात्री समय रहते वाहन से बाहर निकल गए।

पुलिस के अनुसार मूंगाणा के समीप कुंडी गांव निवासी श्रद्धालु श्री सांवलिया जी के दर्शन कर जीप से अपने गांव लौट रहे थे। इस दौरान शनिवार तड़के करीब 4 बजे वाकली पुलिया के पास घुमावदार मोड़ पर चालक नियंत्रण खो बैठा और जीप नदी में जा गिरी। हादसा होते ही जीप में सवार यात्रियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत एक दूसरे का हाथ पकड़कर तत्काल बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। जिस जगह ये हादसा हुआ वो जंगल का क्षेत्र होने एवं मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण हादसे की सूचना काफी देर से पुलिस को मिली।