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उदयपुर : अलमारी, बांसुरी और हरी मिर्च…इस बार वोट मांगने के अंदाज भी होंगे निराले

उदयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। कमल और हाथ के साथ अलमारी, बक्सा, बांसुरी, हरी मिर्च, आइसक्रीम, चारपाई, सिलाई मशीन, कैंची, आरी, फव्वारा, गैस चूल्हा और बिजली का खंभा जैसे निशान प्रत्याशियों की पहचान होंगे। पार्टी टिकट से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। वार्ड 1, 2 और 3 में अलमारी प्रमुख निशान है। वार्ड 12 में चार बागियों के अलग-अलग चिह्न हैं। वहीं बसपा का हाथी, आप की झाड़ू, माकपा का हथौड़ा-हंसिया-तारा और बीएपी का हॉकी-बॉल भी मुकाबले में हैं।
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उदयपुर. चुनावी मैदान में कमल और हाथ सबसे पहचाने जाने वाले चुनाव चिह्न हैं, लेकिन इस बार नगर निगम के वार्डों में इनके साथ ऐसे-ऐसे चिह्न भी मिले, जो आम जिंदगी में घर, रसोई और रोजमर्रा के सामान से जुड़े हैं। कहीं प्रत्याशी की पहचान अलमारी होगी तो कहीं बक्सा। किसी को हरी मिर्च मिली है तो कोई बांसुरी बजाएगा। किसी की पहचान चारपाई से होगी, तो किसी के हिस्से सिलाई मशीन, कैंची, आरी, फव्वारा, गैस का चूल्हा, बिजली का खंभा और आइसक्रीम आई है।

पार्टी टिकट से बगावत कर निर्दलीय उतरे प्रत्याशियों ने कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। अब उनके सामने चुनौती सिर्फ वोट मांगने की नहीं, बल्कि मतदाता को अपना चुनाव चिह्न याद कराने की भी है। खास बात यह है कि अलमारी कई वार्डों में बागियों की पहचान बनी है, जबकि बांसुरी और सेब भी एक से अधिक प्रत्याशियों को मिले हैं। दूसरी ओर छोटे राजनीतिक दल अपने स्थापित चिह्नों के साथ मैदान में हैं।

वार्ड 1 से 3 तक अलमारी की कतार, कहीं बक्सा बना मुकाबले का साथी

- वार्ड 1, 2 और 3 में मुकाबला त्रिकोणीय है और तीनों जगह निर्दलीय प्रत्याशियों को अलमारी चुनाव चिह्न मिला है। वार्ड-1 में खुशवंत शर्मा, वार्ड-2 में प्रतापसिंह खारीवाल और वार्ड-3 में भूपेन्द्र जीनगर इसी निशान के साथ चुनाव लड़ रहे हैं।

- वार्ड-11 में दो निर्दलीयों के कारण तस्वीर और रोचक है। यहां एक प्रत्याशी की पहचान अलमारी, जबकि दूसरे की बक्सा है। यानी मतदाता को इस वार्ड में दोनों घरेलू सामानों के बीच सही चुनाव करना होगा।

- अलमारी का सिलसिला वार्ड-45 तक भी पहुंचता है, जहां तारादेवी चौधरी के पास यही निशान है। वार्ड-66 में कांग्रेस के बागी संजय भगतानी और वार्ड-71 में भैरूलाल सुथार भी अलमारी के साथ मैदान में हैं।

हरी मिर्च, आइसक्रीम और चारपाई...मतपत्र पर रोजमर्रा की चीजें

- वार्ड-8 में निर्दलीय कौसर परवीन को हरी मिर्च चुनाव चिह्न मिला है। इसी वार्ड में भारत आदिवासी पार्टी की नाजमीन की पहचान हॉकी और बॉल होगी।

- वार्ड-57 में निर्दलीय गीतादेवी सुहालका के लिए आइसक्रीम चुनाव चिह्न है। वार्ड-64 में भाजपा बागी दीपक व्यास को चारपाई मिली है। ऐसे प्रतीक चुनाव प्रचार में भी प्रत्याशियों को अलग पहचान देने वाले हैं।

- वार्ड-75 में तीन निर्दलीयों के चिह्न भी अलग-अलग हैं। मांगीलाल राठौड़ को अलमारी, मोहम्मद शरीफ को फव्वारा और सुरेन्द्र सिंह डुलावत को बांसुरी मिली है।

- बांसुरी वार्ड-16 में मंजु कुंवर राठौड़ और वार्ड-34 में सज्जन कुंवर के पास भी है।

एक वार्ड में बिजली का खंभा और गैस का चूल्हा, दूसरे में आरी और कैंची

- वार्ड-31 में माकपा की मुस्कान राही को हथौड़ा, हंसिया और सितारा मिला है। इसी वार्ड में कांग्रेस की बागी निर्दलीय रूबिना फारुख कुरैशी के हिस्से बिजली का खंभा, जबकि साजिदा को गैस का चूल्हा आया है।

- वार्ड-73 में तीन निर्दलीयों के निशान अलग हैं। दीपिका सुथार के पास आरी, शमीम बानो के पास सिलाई मशीन और स्नेहलता शर्मा के पास अलमारी है।

- सिलाई मशीन वार्ड-14 के निर्दलीय कांग्रेस के बागी विजय शंकर कुमावत और वार्ड-58 की चन्द्रबिन्दु कुंवर सांखला को भी मिली है। वार्ड-61 में इंदिरा डांगी को कैंची और दीपिका पटेल को बांसुरी मिली है। वार्ड-62 में मंजू गमेती के पास भी कैंची है।

वार्ड-12 में चार बागी, पांच तरह के निशान

- वार्ड-12 में कुल सात प्रत्याशी मैदान में हैं और इनमें चार बागी बताए गए हैं। यहां चुनाव चिह्न अलग-अलग होने से मुकाबले खास है। बसपा के जितेन्द्र जोशी को हाथी, कांग्रेस के बागी भारत आदिवासी पार्टी के मुजफ्फर हुसैन को हॉकी और बॉल, निर्दलीय यतेन्द्र दाधीच को कोट, यशवंत सावरियां को सेब और निर्दलीय हितेश कोठारी को अलमारी मिली है।

हाथी, झाड़ू और हथौड़ा-हंसिया-तारा भी मुकाबले में

- वार्ड-25 में कांग्रेस के बागी आम आदमी पार्टी के दौलतराम साहू को झाड़ू मिली है। माकपा के वार्ड-30 की रानू सालवी, वार्ड-31 की मुस्कान राही और वार्ड-32 के राजेन्द्र वसीटा के सामने हथौड़ा, हंसिया और सितारा है।

- बसपा के प्रत्याशी हाथी के सहारे मैदान में हैं। वार्ड-53 में लक्ष्मण, वार्ड-60 में पूजा और वार्ड-77 में पप्पू गमेती को यही निशान मिला है।

- भारत आदिवासी पार्टी के लिए हॉकी और बॉल प्रमुख पहचान है। वार्ड-8 में नाजमीन, वार्ड-10 में कांग्रेस के बागी शाकीब खां, वार्ड-13 कांग्रेस बागी संतोष कटारा, वार्ड-41 के कांग्रेसी बागी चमनलाल, वार्ड-42 की हेमलता गमेती, वार्ड-43 के शांतिलाल गमेती, वार्ड-70 के अरशद अयूब शेख और वार्ड-79 के रामलाल गमेती इसी चिह्न के साथ चुनावी मैदान में हैं।

सेब, चप्पल, टेलीफोन और मोतियों का हार भी चुनावी पहचान

- वार्ड-51 में कांग्रेस बागी निर्दलीय दीपक चौधरी को मोतियों का हार, जबकि भाजपा बागी सुशील कुमार को अलमारी मिली है। वार्ड-54 में कांग्रेस के बागी देवेन्द्र कुमार माली के पास सेब और हार्दिक चौर्डिया के पास टेलीफोन है।

- वार्ड-59 में अनिता हरिजन को चप्पल और कंकुबाई कालबेलिया को अलमारी मिली है।

-वार्ड-60 में तीन बागियों के अलग-अलग निशान हैं बसपा की पूजा हाथी के साथ, निर्दलीय खुशबू मेहता बांसुरी के साथ और मीरा कुंवर सखी किन्नर सेब के साथ मैदान में हैं।

- वार्ड-63 में अजय सिंह देवड़ा और वार्ड-65 में श्रीपाल मीणा को सेब मिला है। वार्ड-77 में बसपा के पप्पू गमेती के सामने निर्दलीय इन्दरलाल गमेती अलमारी के निशान के साथ हैं।