
रेलमगरा. उपखंड के जीतावास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक पर छात्रा से छेड़छाड़ के लगाए गए कथित आरोपों के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। चार दिन पूर्व विद्यालय परिसर में शिक्षक के विरुद्ध प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों ने अब अपनी गलती स्वीकार करते हुए शिक्षक को निर्दोष बताया और घटना को कुछ असामाजिक तत्वों की सोची-समझी चाल बताया। मामले को लेकर विद्यालय परिसर में ग्रामीणों की सामूहिक बैठक हुई। इसमें ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने षड्यंत्र रचकर निर्दोष शिक्षकों को फंसाया है। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि विद्यालय के शिक्षक श्रेष्ठ संचालन और शिक्षण के लिए कठोरता बरतते हैं, जो विद्यार्थियों के हित में है, लेकिन कुछ लोग इससे असंतुष्ट हैं। ज्ञापन में कहा कि पोशाक में विद्यालय नहीं आने वाले विद्यार्थियों को शिक्षक पोशाक पहनकर आने के लिए कहते हैं तो भी कुछ लोग विवाद करने पर उतारू हो जाते हैं और छोटी-छोटी बातों को लेकर विद्यालय का माहौल खराब करते हैं। ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक हरिश विजयवर्गीय का निलंबन निरस्त करने, एपीओ शिक्षिका रिंकुबाला आचार्य को पुनः ससम्मान जीतावास विद्यालय में नियुक्त करने तथा अन्य शिक्षकों को भी यहीं पदस्थ रखने की मांग की। ग्रामीणों ने शिक्षकों से मुलाकात कर माफी मांगी और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होने का आश्वासन दिया। साथ ही विद्यालय परिसर में हुई तोड़फोड़ पर पुलिस प्रकरण दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। बैठक में पंचायत प्रशासक पूरण चौधरी, मुकेशचंद्र पूर्बिया, माधवलाल जाट, फतहलाल, हजारीलाल सालवी, दिनेश सुथार, श्यामलाल व्यास, सुरेशचंद्र जाट, पवन नायक, रमेश बैरवा, भैरूलाल पूर्बिया, अशोककुमार पामेचा, वरदीचंद्र जाट, सुभाषचंद्र टेलर, कालुराम सुखवाल, हरिओम जाट, नारायणलाल कीर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।