
Crackers Recovery in Varanasi: वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर इलाके में एक मकान में पटाखे में हुए विस्फोट के बाद पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाया है। इस दौरान काशी और वरुणा जोन की पुलिस ने भारी मात्रा में पटाखे और 2500 किलो से ज्यादा की विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह कार्रवाई कोतवाली पुलिस ने काशी जोन में जबकि कैंट पुलिस ने वरुणा जोन में की है। इस दौरान दोनों जोन की पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। गौरतलब, है कि सारनाथ के पैगंबरपुर में मकान में हुए विस्फोट के बाद तीन लोग घायल हुए थे, जबकि मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है।
सारनाथ की घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने गोला दीनानाथ स्थित एक मकान में छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान दो कमरों में अवैध रूप से छुपा कर रखे गए 2500 किलो से अधिक केमिकल बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 50 से अधिक बोरियां मौके से मिली है। इन रसायनों से पटाखे और सुतली बम तैयार किए जाते हैं। एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया है कि मुखबिर की सूचना के बाद छापेमारी की कार्रवाई की गई। वहीं गोदाम से बेरियम कार्बोनेट, चारकोल पाउडर, बेरियम नाइट्रेट, अल्युमिनियम और पोटेशियम समेत और भी केमिकल बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह गोदाम चेतगंज के रहने वाले राजेश कुमार का है, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
दूसरी तरफ वरुणा जोन की कैंट थाना पुलिस ने कुंज विहार कॉलोनी स्थित एक मकान में छापेमारी की कार्रवाई की है। इस दौरान मौके से 30 क्विंटल अवैध रूप से रखा गया पटाखा बरामद हुआ है। एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक और एसओजी-2 की इस कार्रवाई के बाद पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। सेंट्रल जेल रोड स्थित कालोनी में छापा मारने के बाद पुलिस ने राहुल गुप्ता के मकान से इन पटाखों को बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, पटाखों का अवैध रूप से भंडारण किया गया था। इस दौरान सुरक्षा उपकरणों की भी कमी पाई गई। पुलिस ने राहुल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और पटाखे को जब्त करके जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, दीपावली के नजदीक आते ही शहर में चोरी छिपे छोटे और बड़े पैमाने पर पटाखे और विस्फोटक सामग्रियों का अवैध रूप से भंडारण किया जाता है। सूत्रों की माने तो पितरकुंडा, दालमंडी, बेनिया बाग, मदनपुरा, पांडेपुर और लहरतारा समेत शहर के विभिन्न घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गुपचुप तरीके से पटाखे की बिक्री की जाती है। सूत्र बताते हैं कि लाइसेंस केवल एक होता है, जबकि इसका काला कारोबार कई स्थानो पर किया जाता है। वहीं, शहर में सख्ती के बाद अब इस अवैध कारोबार को ग्रामीण इलाकों में भी शिफ्ट किया गया है। खासकर सिंधोरा, पिंडरा, बड़ागांव और रिंग रोड से सटे इलाकों में भी इसका कारोबार चोरी छुपे चल रहा है।