वाराणसी

‘मुसलमानों का लक्ष्य केवल लव जिहाद और नशाखोरी को बढ़ावा देना है’, काशी में गरबा इवेंट पर बजरंग दल का विवादित पोस्टर आया सामने

Varanasi News: काशी की सड़कों पर एक पोस्टर वायरल हो रहा है, जिसने नया विवाद पैदा कर दिया है। पोस्टर में मुसलमान को लव जिहाद करने वाला और नशाखोरी करने वाला बताया गया है।
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Oct 14, 2026
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शहर में लगा पोस्टर, (Pc-Vijendra Mishra)

Garba in Varanasi: नवरात्र में गरबा और डांडिया के आयोजन की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की तरफ से हिंदुओं को जागृत करने का प्रयास भी किया जा रहा है, लेकिन काशी की सड़कों पर एक पोस्टर वायरल हो रहा है, जिसने नया विवाद पैदा कर दिया है। पोस्टर में मुसलमान को लव जिहाद करने वाला और नशाखोरी करने वाला बताया गया है। इसके बाद अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

शारदीय नवरात्र में पूरे देश में बड़े स्तर पर गरबा और डांडिया का आयोजन किया जाता है। ऐसे में कई बार और आरोप लगाते हैं कि गैर समुदाय के युवक भी गरबा के आयोजन में पहुंच जाते हैं। इसी को लेकर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने अभियान छेड़ दिया है। बजरंग दल की ओर से काशी के कई लॉन और क्लब के बाहर गैस सनातनी प्रवेश वर्जित के पोस्टर लगाए गए हैं। इसके साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए आयोजक, प्रशासन व संबंधित व्यक्ति जिम्मेदार होंगे।

क्या बोले पदाधिकारी

दरअसल, वाराणसी में पोस्टर जारी करते हुए बजरंग दल काशी क्षेत्र के प्रमुख निखिल त्रिपाठी 'रूद्र' ने कहा है कि सनातन धर्म में गरबा और डांडिया का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिंदू पुरुष और महिलाएं नृत्य के माध्यम से मां आदिशक्ति जगदंबा के प्रति आराधना और कृतज्ञता प्रकट करते हैं। बजरंग दल के मुताबिक, गैर सनातनी (मुस्लमान) जिसका सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं होता, उनके पंथ में सनातन पद्धति हराम है जिसकी इजाजत उनका ग्रंथ (कुरान) नहीं देता। मुसलमान पुरुष का केवल एक ही लक्ष्य है, लव जिहाद व नशाखोरी को बढ़ावा देना। मां आदिशक्ति जगदंबा के आराधना को दूषित करने व हिंदू युवक युवतियों को धर्म के मार्ग से भटकने के उद्देश्य से वह इस कार्यक्रम में आते हैं।

तिलक व कलावा जरुरी

निखिल त्रिपाठी ने बताया कि शहर में जिस भी स्थान पर गरबा और डांडिया का आयोजन किया जा रहा है, उस स्थान पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता पहले से ही मौजूद रहेंगे। आयोजन स्थलों के बाहर कार्यकर्ताओं को रोस्टर वाइस तैनात किया जाएगा। कार्यकर्ता इवेंट में जाने वाले लोगों के आधार कार्ड की जांच करेंगे। इसके अलावा तिलक और कलवा पहने लोगों को प्रवेश देने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता हुआ नहीं पाया जाता है तो यह माना जाएगा कि वह गैर सनातनी है और उसे इवेंट में जाने से रोक दिया जाएगा।

Updated on:
14 Oct 2026 03:43 pm
Published on:
14 Oct 2026 03:43 pm