हमारा एक बदलाव आने वाले भविष्य को बदल सकता है तो क्यों न एक शुरुआत करे।
- डॉ. शिल्पा जैन सुराणा
हर वर्ष नए वर्ष के लिए हम संकल्प लेते है कि इस साल हम ये करेंगे, तो इस बार क्यों न ये संकल्प हम अपने देश के लिए भी ले। इस बार अपने लिए नही अपने देश के लिए भी सोचे। छोटी छोटी बातों के भी दूरगामी परिणाम होते है! हमारा एक बदलाव आने वाले भविष्य को बदल सकता है तो क्यों न एक शुरुआत करे। इस साल क्यों न ये संकल्प भी अपनी लिस्ट में डाल लें।
प्रदूषण की समस्या ने सबको चपेट में ले लिया है अभी ये हाल है तो आने वाला परिदृश्य कैसा होगा, कैसे रोके हम इसे, जहां तक हो वाहनों का प्रयोग कम करने की कोशिश करें, आजकल लोगो को आदत हो गयी है, पास की गली में भी जाना है तो बिना वाहन के जाने से कतराते है थोड़ा पैदल चलने की आदत डाले, ये न केवल वातावरण के लिए फायदेमंद होगा बल्कि उतना ही फायदेमंद खुद के लिए भी होगा। सावर्जनिक वाहनों का प्रयोग करे, इस दिशा में सरकार को भी प्रयत्नशील होना चाहिए। सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करने के लिए आमजन को प्रोत्साहित करें।
स्वच्छ भारत का सपना पूरे भारत का है औऱ इसी नाते हम भी इस मिशन का हिस्सा है, जितना साफ सुथरा हम अपने घर को देखना चाहते है उतना ही साफ अपने आस पास के वातावरण को भी रखने की कोशिश करे, कचरा यहाँ वहाँ न फैलाये। बदलाव की शुरुआत किसी और से नही बल्कि खुद से करनी होगी। देश हमारा है तो जिम्मेदारी भी तो हमारी बनती है।
अगर हम अपने नहाने की बाल्टी से एक मग पानी बचाते है तो करोड़ो गैलन पानी की बचत होगी, तो क्यों न हम ये सुनिश्चित करे कि इतना छोटा सा काम तो हम कर ही सकते है।अनावश्यक पानी को व्यर्थ न करे औऱ न करने दे।
बहुत चर्चा फैली है कि देश मे असहिष्णुता का माहौल बढ़ रहा है, असामाजिक तत्वों का जोर बढ़ रहा है तो कही न कही हम जिम्मेदार है बिना सोचे हम गलत बातो पर प्रतिक्रिया देते है बिना सच्चाई जाने संदेशो का आदान प्रदान करते है बिना सच्चाई जाने इस तरह के संदेश हम शेयर नही करेंगे ये छोटी सी बात हम ध्यान रखेंगे।
बाते सब छोटी है पर बदलाव बड़ा ला सकती है, उम्मीद है हर भारतवासी अगर अपना योगदान दे तो ये मुहिम अवश्य रंग लाएगी।