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वीकेंड में रिलैक्स होने के लिए न लें नींद का सहारा

पूरे हफ्ते की भाग-दौड़ के बाद हम सोचते हैं कि वीकेंड में जम कर सोएं।
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Updated: 1 Apr 2018, 12:59 PM IST
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पूरे हफ्ते की भाग-दौड़ के बाद हम सोचते हैं कि वीकेंड में जम कर सोएं। ताकि नींद की कमी को पूरा कर सकें क्योंकि पूरे हफ्ते हम देर तक जागे और फिर जल्दी उठे हैं और फिर खासकर मांओं को तो बहुत जल्दी उठना पड़ता है। लेकिन आपको यह जानकारी हैरानी होगी कि एक नए शोध के अनुसार, वीकेंड पर काफी-काफी देर तक के लिए सोना पूरे हफ्ते की थकान के लिए जिम्मेदार है।

...हो जाते हैं सोशल जैट लेग का शिकार

एरिजोना यूनिवर्सिटी में हुए इस शोध के मुताबिक वीकेंड के दौरान अन्य दिनों की बजाय देर तक सोने से आप ‘सोशल जैट लेग’ का शिकार हो जाते हैं। जैसे कि आप रोजाना देर से सोने जाते हैं और सुबह सात बजे उठते हैं और वीकेंड पर ज्यादा देरतक सोते हैं तो फिर आप उल्टे पूरे हफ्ते और ज्यादा थके सुस्त तथा आलसी रहेंगे।

सभी की होती है आदत!

शोधकर्ताओं ने पेनसिल्वेनिया के 984 लोगो पर शोध किया और पाया कि शोध में शामिल हर शख्स वीकेंड पर सामान्य दिनों के मुकाबले देर तक सोता था और इसका असर उसकी सेहत और मूड पर पड़ रहा था।

दिल की बीमारियों का खतरा

शोधकर्ताओं के मुताबिक, शोध में यह भी पता चला है कि जो लोग एक घंटा भी इस ‘सोशल जैट लेग’ के शिकार होते हैं, उन्हें दिल की बीमारियां होने का खतरा 11 फीसदी तक ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा भी उन्हें सेहत संबंधी समस्याएं ज्यादा और लगातार होती हैं।

क्या है सोशल जैट लेग

शोधकर्ताओं के मुताबिक अगर कोई शख्स शुक्रवार शाम को हवाई जहाज पेरिस से उड़े और न्यूयॉर्क होते हुए जापान पहुंचे और सोमवार को वापस आ जाए तो यह एक तरह से ट्रैवल जैट लेग की तरह होगा। वैज्ञानिकों ने इसे ही सोशल जैट लेग का नाम दिया है। सामान्य जैट लेग का मतलब किसी अन्य देश में जाने पर दिन-रात के अंतर से है।

नियमित बनाएं सोने की चर्या

शोधकर्ताओं के मुताबिक, किसी को भी अपने सोने की चर्या में किसी भी तरह से परिवर्तन से बचना चाहिए। ऐसे में अगर आप रोजाना जल्दी उठते हैं तो इस नियम को न तोड़ें और वीकेंड वाले दिन भी देर तक जागने और फिर देर तक सोने की बजाय जल्दी उठें। आपकी सेहत बेहतर रहेगी।