वर्क एंड लाईफ

सफल बनाएगा आपका पैशन

स्कूल में या किसी विषय में विफल होने से आपके इंटेलिजेंस लेवल को परिभाषित नहीं किया जा सकता

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Nov 11, 2017
Passion

स्कूल में या किसी विषय में विफल होने से आपके इंटेलिजेंस लेवल को परिभाषित नहीं किया जा सकता। लिहाजा अगर आप एक बार फेल हो गए, तो कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि आप हमेशा के लिए विफल हो गए हो। हो सकता है कि आपकी दिलचस्पी किसी और काम में हो और आप उसे बेहतर अंजाम दे सकते हों। ऐसा ही एक उदाहरण है टीएसी सिक्योरिटी के फाउंडर और सीईओ तृशनीत अरोड़ा। वह आठवीं क्लास में फेल हो गए थे, लेकिन आज उनकी साइबर सिक्योरिटी की कंपनी एक अलग पहचान बना चुकी है। दरअसल, तृशनीत का जन्म १९९३ में लुधियाना(पंजाब) में हुआ था। जब उनके पिता ने उनके लिए कम्प्यूटर खरीदा तो कम उम्र से ही उन्होंने टेक्नोलॉजी और कम्प्यूटर में दिलचस्पी दिखाना शुरू कर दिया था।

कम्प्यूटर में व्यस्त रहने के कारण वह आठवीं क्लास में फेल हो गए, जिसके कारण उन्हें माता-पिता से डांट का सामना करना पड़ा, वहीं दोस्तों ने उनका खूब मजाक उड़ाया। तृशनीत की स्कूली किताबों और एजुकेशन में कम रुचि थी, वह अपना ज्यादातर समय कम्प्यूटर नॉलेज हासिल करने और हैकिंग में बिताते थे। उनका इंटरेस्ट इतना गहरा था कि उन्होंने हैकिंग पर इंटरनेशनल बुक्स भी पढऩा शुरू कर दिया। किसी ने कहा है विफलताएं जीवन का हिस्सा है। तृशनीत अपने एकेडमिक्स में विफल रहे, लेकिन उन्होंने दूसरी फील्ड में अव्वल रहने की ठान ली। उन्होंने यंग एज में ही तीन किताबें ‘हैकिंग टॉक विद् तृशनीत अरोड़ा’, ‘द हैकिंग एरा’, ‘हैकिंग विद् स्मार्टफोन’ लिख ली, जो युवाओं के बीच प्रसिद्ध किताबें हैं।

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वह अपने क्लाइंट्स को साइबर सिक्योरिटी प्रोवाइड करते हैं और उन्हें हैकर्स से बचाते हैं। तृशनीत की कामयाबी यह साबित करती है कि पैशन के आगे पढ़ाई मायने नहीं रखती। उनके मुताबिक, विफलताओं से कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि विफलताएं ही आगे बढऩे का रास्ता दिखाती हैं और इससे आपको अपने स्ट्रॉन्ग साइड को पहचानने का मौका मिलता है। अत: आपको कामयाब होने के लिए विफलता से निराश होने के बजाय सीख लेनी चाहिए।

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