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सीरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति असद के वफादार पूर्व ग्रैंड मुफ्ती पर गिरी गाज, अहमद बदरूद्दीन हसून को उम्रकैद

सीरिया के पूर्व ग्रैंड मुफ्ती अहमद बदरूद्दीन हसून को हिंसा भड़काने, सांप्रदायिक कलह और असद शासन के अपराधों को वैधता देने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
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Aug 24, 2026
Sectarian Violence
सीरिया के ग्रैंड मुफ्ती रहे अहमद बदरूद्दीन हसून को उम्रकैद, photo credit: AI

Syria Transitional Justice: सीरिया के दमिश्क स्थित चौथी आपराधिक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासनकाल के दौरान देश के ग्रैंड मुफ्ती रहे अहमद बदरूद्दीन हसून (Ahmad Badreddin Hassoun) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हसून को हिंसा भड़काने, सांप्रदायिक कलह पैदा करने और असद शासन के अपराधों को धार्मिक व नैतिक वैधता प्रदान करने का दोषी पाया गया।

कई अपराधों का दोषी पाया गया

दमिश्क की चौथी आपराधिक अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने हसून को हिंसा भड़काने, हत्याओं को सही ठहराने और अपने पद का दुरुपयोग करने समेत कई अपराधों का दोषी पाया। हसून ने 2005 से 2021 के बीच सीरिया के ग्रैंड मुफ्ती के रूप में कार्य किया। उन्हें मार्च 2025 में दमिश्क हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। हसून एक महीने पहले ही अपनी छिपी हुई जगह से बाहर आए थे। उनके खिलाफ मुकदमा 25 जून को शुरू हुआ था।

अभियोजकों ने की फांसी की मांगी

संक्रमणकालीन न्याय प्रक्रिया के तहत उनका आपराधिक मुकदमा 25 जून 2026 को शुरू हुआ था। अभियोजकों ने सुनवाई के दौरान हसून के लिए मृत्युदंड (फांसी की सजा) की मांग की थी, जिसे अदालत ने बाद में आजीवन कारावास में बदल दिया।

अहमद बदरूद्दीन हसून ने वर्ष 2005 से 2021 तक सीरिया के शीर्ष मुस्लिम धर्मगुरु (ग्रैंड मुफ्ती) के रूप में कार्य किया था। बशर अल-असद की सरकार के पतन के बाद वे अज्ञात स्थान पर छिपे रहे। खुफिया सूचना के आधार पर हसून को मार्च 2025 में दमिश्क हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था। अहमद बदरूद्दीन हसून को सीरिया के लगभग 14 साल लंबे युद्ध के दौरान किए गए अपराधों के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के रहे वफादार

अहमद बदरूद्दीन हसून (Ahmad Badr al-Din Hassoun) एक प्रमुख सीरियाई इस्लामी विद्वान हैं, जिन्होंने वर्ष 2005 से 2021 तक सीरिया के ग्रैंड मुफ्ती (Grand Mufti) के रूप में कार्य किया। वे पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार के करीबी और वफादार माने जाते रहे हैं।

उन्होंने 2005 में शेख अहमद कुफ्तारो के निधन के बाद सीरिया के ग्रैंड मुफ्ती का पद संभाला था, जो 2021 तक रहा। वे अंतरधार्मिक संवाद (Interfaith dialogue) के समर्थक और सेकुलर शासन प्रणाली के पैरोकार के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने 1990 से 1998 तक सीरिया की पीपुल्स असेंबली (संसद) के सदस्य के रूप में भी सेवा दी।

Updated on:
24 Aug 2026 03:12 pm
Published on:
24 Aug 2026 03:12 pm