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अमेरिकी डील के सपोर्ट में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, कहा- जंग से निकलने का यही एकमात्र रास्ता

US Iran Conflict: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका के साथ हुए MoU का समर्थन किया है। उन्होंने इसे 'न युद्ध, न शांति' की स्थिति से निकलने का सबसे बेहतर रास्ता बताया।
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भारत

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Anurag Animesh

Aug 23, 2026

iran us conflict

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान

Masoud Pezeshkian: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने जून में हुए अमेरिकी समझौते के ज्ञापन (MoU) का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता ईरान को 'न युद्ध, न शांति' जैसी स्थिति से बाहर निकालने का सबसे बेहतर रास्ता है। पेजेश्कियान ने साफ किया कि समझौते में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसे आत्मसमर्पण माना जाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकारी समाचार एजेंसी IRNA को दिए बयान में पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान युद्ध खत्म करने और देश के हितों की रक्षा करने वाला रास्ता चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की नीतियां सर्वोच्च नेता तय करते हैं और सरकार उसी रास्ते पर आगे बढ़ेगी।

'समझौते में आत्मसमर्पण जैसा कोई प्रावधान नहीं'

पेजेश्कियान ने अमेरिकी समझौते का बचाव करते हुए कहा कि इसमें एक भी ऐसा प्रावधान नहीं है जो ईरान के आत्मसमर्पण के बराबर हो। उन्होंने कहा कि ईरान के अधिकारी मौजूदा गतिरोध से बाहर निकलने के तरीकों पर लगातार चर्चा कर रहे हैं।उनके मुताबिक, लक्ष्य ऐसा समझौता करना है जो ईरान के सिद्धांतों और मूल्यों को सुरक्षित रखे और विरोधियों को भविष्य में दोबारा हमला करने से रोके।

आर्थिक संकट का भी दिया हवाला

ईरानी राष्ट्रपति ने युद्ध और उसके बाद बनी अनिश्चितता के आर्थिक असर पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब तक दोबारा संघर्ष शुरू होने का खतरा बना रहेगा, तब तक ईरान के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करना मुश्किल होगा। ईरान पहले से ही कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों और युद्ध से जुड़े आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। पेजेश्कियान ने कहा कि मौजूदा स्थिति को लंबे समय तक बनाए रखना देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह है।

जून में हुआ था अमेरिका-ईरान MoU

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच जून में हुए MoU में 60 दिनों के भीतर व्यापक समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। समझौते में युद्ध समाप्त करने, परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत और होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों की आवाजाही बहाल करने जैसे मुद्दे शामिल थे। हालांकि, 60 दिनों की समयसीमा बीत चुकी है और बातचीत में अब तक कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही और समझौते की शर्तों के लागू को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

ईरान के नए सुरक्षा प्रमुख ने दी चेतावनी

इसी बीच ईरान की शीर्ष सुरक्षा व्यवस्था के नए प्रमुख ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि अगर वे ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के समर्थन में आगे आते हैं तो तेहरान जवाबी कार्रवाई करेगा। ईरान ने अमेरिका की ओर से प्रस्तावित नए प्रतिबंधों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है।