अमरीका ने पाकिस्तान (Pakistan) को बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक देने वाली 3 चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलााव एक बेलारूस की कंपनी पर भी प्रतिबंध लगाया है। अमरीका ने इन कंपनी से जुड़े किसी भी व्यक्ति या संस्था पर अमरीका आने पर प्रतिबंध लगा दिया है जिनकी कंपनी में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा की हिस्सेदारी या देनदारी है।
अमरीका (USA) ने एक तीर से दो शिकार कर लिए हैं। उसने एक साथ पाकिस्तान और उसके बड़े भाई चीन को तगड़ा झटका दे दिया है। अमरीका ने पाकिस्तान (Pakistan) के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर पानी फेर दिया है। अमरीका ने पाकिस्तान को बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक देने वाली चीनी कंपनियों (China) पर प्रतिबंध लगा दिया है। वो भी एक नहीं 3-3 कंपनियों पर। इस मामले पर अमेरिकी विदेश विभाग ने बीते शुक्रवार को बयान जारी कर कहा था कि अमेरिका ने पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम (Pakistan Ballistic Missile Program) के लिए जरूरी सामान की आपूर्ति करने वाली तीन चीनी कंपनियों और बेलारूस (Belarus) स्थित एक फर्म के खिलाफ प्रतिबंध लगाया है।
अमरीका ने जिन संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें तीन चीनी कंपनियां - शीआन लॉन्गडे टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड, तियानजिन क्रिएटिव सोर्स इंटरनेशनल ट्रेड कंपनी लिमिटेड और ग्रैनपेक्ट कंपनी लिमिटेड, साथ ही बेलारूस स्थित मिन्स्क व्हील ट्रैक्टर प्लांट शामिल हैं। अमरीकी विदेश विभाग ने इस आदेश को पढ़ा भी जिसमें लिखा था कि
"राज्य विभाग कार्यकारी आदेश 13382 की धारा 1 (ए) (ii) के अनुसार चार संस्थाओं को नामित कर रहा है, जो सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसारकों और उनके वितरण के साधनों को लक्षित करता है। इन संस्थाओं ने पाकिस्तान की बैलिस्टिक मिसाइल के लिए मिसाइल-लागू वस्तुओं की आपूर्ति की है कार्यक्रम, जिसमें इसकी लंबी दूरी की मिसाइल कार्यक्रम भी शामिल है।”
बता दें कि बेलारूस स्थित मिन्स्क व्हील ट्रैक्टर प्लांट ने पाकिस्तान के लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए खास वाहन चेसिस की आपूर्ति का काम किया है। इस तरह की चेसिस का उपयोग पाकिस्तान के राष्ट्रीय विकास परिसर (NDC) की तरफ से होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए लॉन्च के लिए किया जाता है जो मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था श्रेणी (MTCR) बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास के लिए जिम्मेदार है।
इसके अलावा वो अमरीका ने उन सभी व्यक्ति और संस्थाओं पर भी बैन लगाया गया है कि जिनका कंपनी पर स्वामित्व प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा है। इन प्रतिबंधों में किसी भी बैन किए गए शख्स की तरफ से, उसके लिए या उसके लाभ के लिए किसी भी तरह की सहायता या सेवा को भी बैनकिया गया है। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका में इन बैन किए गए व्यक्तिय़ों का आना भी वर्जित कर दिया गया है।