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Nepal Election: चुनाव से पहले नेपाल में चीन की हलचल फिर तेज, अचानक जिनपिंग ने बदला राजदूत

नेपाल में आम चुनाव से ठीक पहले चीन की गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। चीन ने नए राजदूत झांग माओमिंग की नियुक्ति की है, जो हाल ही में काठमांडू पहुंचे।

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Feb 27, 2026
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की। (फोटो- ANI)

नेपाल में कुछ ही दिनों बाद आम चुनाव होने वाला हैं। इसके ठीक पहले नेपाल में चीन की गतिविधि तेज हो गई है। चीन ने नेपाल के लिए अपना नया राजदूत नियुक्त किया है। इस बीच, चीन के नए राजदूत ने शुक्रवार को नेपाल के अंतरिम प्रधानमंत्री से मुलाकात की है।

नेपाल में चीन के नए नियुक्त राजदूत झांग माओमिंग ने शुक्रवार को अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से मुलाकात की और नेपाल की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए बीजिंग की प्रतिबद्धता दोहराई और आने वाले चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं।

5 मार्च को चुनाव

नेपाल में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव होने जा रहा है। यह नेपाल के इतिहास के लिए बेहद महत्वपूर्ण चुनाव है। साल 2025 में नेपाल में बड़े पैमाने पर जेन-जेड ने बवाल काटा था।

भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से तत्कालीन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। भारी विरोध प्रदर्शन के बाद यह पहला आम चुनाव है।

चीन की नेपाल में हलचल

नेपाल सरकार में चीन की हलचल अक्सर देखी जाती है। पूर्व पीएम ओली को 'प्रो-चाइना' माना जाता था। उनके समय में चीन समर्थित कई बीआरआई प्रोजेक्ट्स आगे बढ़े। चीन ने ओली को राजनीतिक सपोर्ट देकर भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया।

सोशल मीडिया पर बैन

कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन 'चाइनीज-स्टाइल' सेंसरशिप था। लेकिन विरोध के दौरान ओली सरकार गिर गई, जो चीन के लिए नुकसान था। विश्लेषकों का मानना है कि चीन फिर से नेपाल में प्रभाव बढ़ाना चाहता है. जिसके लिए हर तरह से कोशिश में जुटा है।

Updated on:
27 Feb 2026 09:14 pm
Published on:
27 Feb 2026 08:09 pm
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