कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए कई राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजा था। हालांकि अब ट्रंप एक देश के पीएम से नाराज़ हो गए हैं। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ने उस पीएम से 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का निमंत्रण होने का निमंत्रण वापस ले लिया है।
अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) सुर्खियों में बने ही रहते हैं। अब अपने 'बोर्ड ऑफ पीस' (Board Of Peace) की वजह से वह सुर्खियों में हैं। इसकी स्थापना उन्होंने गाज़ा और अन्य जगह युद्धों को रोकने और शांति की स्थापना के लिए की थी। ट्रंप खुद इसके चेयरमैन हैं और उन्होंने कई राष्ट्राध्यक्षों को इसमें शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। 'बोर्ड ऑफ पीस' की परमानेंट मेम्बरशिप की फीस 1 बिलियन डॉलर्स (करीब 9 हज़ार करोड़ रूपए) तय की गई है और ट्रंप सभी से इसमें शामिल होने की अपील कर रहे हैं। कई राष्ट्राध्यक्षों ने ट्रंप का निमंत्रण स्वीकार भी कर लिया है। इसी बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति एक देश के पीएम से नाराज़ हो गए हैं।
ट्रंप अब कनाडा (Canada) के पीएम मार्क कार्नी (Mark Carney) से नाराज़ हो गए हैं। इतना ही नहीं, ट्रंप ने कार्नी से 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का निमंत्रण भी वापस ले लिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए इस बात की जानकारी दी और लिखा, "प्रिय प्रधानमंत्री कार्नी, कृपया इस पत्र को इस बात का सबूत समझें कि 'पीस बोर्ड', जो अब तक का सबसे प्रतिष्ठित लीडर्स बोर्ड होगा, में कनाडा के शामिल होने के संबंध में आपको दिया गया अपना निमंत्रण वापस ले रहा है।"
ट्रंप की नाराज़गी की वजह स्विट्ज़रलैंड (Switzerland) के दावोस (Davos) में विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum - WEF) के दौरान दिया गया कार्नी का भाषण है। कार्नी ने अपने भाषण में बिना ट्रंप का नाम लिए अमेरिका के नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था के अंत की बात कही और शक्तिशाली देशों के अन्य देशों पर आर्थिक दबाव बनाने और इसके लिए टैरिफ का इस्तेमाल करने की आलोचना की। उनका मानना है कि ऐसे देशों के खिलाफ मध्य शक्तियों वाले देशों को एकजुट होना चाहिए। कनाडाई पीएम ने यह भी कहा कि दुनिया धीरे-धीरे बदलाव के बजाय एक बड़े बदलाव का सामना कर रही है। उनके अनुसार अगर बड़ी ताकतें अपनी ताकत और हितों को बिना किसी रोक-टोक के हासिल करने के लिए नियमों और मूल्यों का दिखावा भी छोड़ देती हैं, तो लेन-देन से होने वाले फायदों को दोहराना मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से ट्रंप उनके नाराज़ हो गए हैं।
कार्नी के बयान से नाराज़ होकर ट्रंप ने यह तक कह दिया है कि अमेरिका के कारण ही कनाडा जीवित है। ट्रंप का मानना है कि कई चीज़ों के लिए कनाडा, अमेरिका पर निर्भर है। गौरतलब है कि ट्रंप कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात भी कह चुके हैं।