विदेश

होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ करना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप, क्या अमेरिकी राष्ट्रपति कर सकते हैं ऐसा?

Iran-US Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' करना चाहते हैं। पर सवाल यह है कि क्या ट्रंप ऐसा कर सकते हैं? आइए जानते हैं।
2 min read
Sep 03, 2026
Donald Trump
डोनाल्ड ट्रंप (Photo - Washington Post)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच एक बार फिर हमलों का दौर शुरू हो गया है। इस वजह से तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान पर अमेरिकी हमलों का जवाब देने के लिए ईरानी सेना जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात - यूएई, कुवैत, बहरीन और इराक के स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र जैसी जगह हमले कर रही है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर भी दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पिछले कुछ समय से कह रहे हैं कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर अमेरिकी नेवी का कंट्रोल है, जिसका ईरान ने खंडन किया है। अब ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलने की बात कह दी है।

होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' करना चाहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति

अमेरिकी राष्ट्रपति होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' (Trump Strait) रखना चाहते हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "अब जब होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका के कंट्रोल में है, तो क्या हमें इसका नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' कर देना चाहिए? खुद अमेरिका की तरह ही, यह पहले से कहीं ज़्यादा बेहतरीन होगा।"

क्या होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदल सकते हैं ट्रंप?

ट्रंप भले ही होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' करना चाहते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होर्मुज स्ट्रेट का नाम आधिकारिक तौर पर बदल दिया जाएगा। 'अमेरिकी बोर्ड ऑन ज्योग्राफिक नेम्स' अमेरिका की फेडरल सरकार के इस्तेमाल के लिए भौगोलिक नामों (जिनमें विदेशों की जगहों के नाम भी शामिल हैं) को तय करता है। इसलिए अमेरिकी सरकार द्वारा पसंद किए गए नाम में बदलाव का असर मुख्य रूप से फेडरल एजेंसियों और उत्पादों पर ही पड़ेगा। ऐसे फैसले से ईरान, ओमान, दूसरी सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों या प्राइवेट मैपिंग सेवाओं के लिए 'ट्रंप स्ट्रेट' नाम अपनाना ज़रूरी नहीं होगा।

होर्मुज स्ट्रेट एक अहम रणनीतिक जलमार्ग है, जो ईरान और ओमान के बीच स्थित है और इसके शिपिंग से जुड़े नियम अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यवस्था के तहत तय होते हैं। इसी वजह से ट्रंप का प्रस्ताव अमेरिकी इलाके में किसी भौगोलिक जगह का नाम बदलने से बिल्कुल अलग है, क्योंकि वहाँ नामों को लेकर अमेरिकी सरकार का सीधा अधिकार होता है, लेकिन अमेरिका से बाहर इसका अधिकार नहीं होता।