
Iran US War: ईरान के नवनियुक्त रक्षा मंत्री मेहरदाद अखलाघी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर दोबारा हमला किया, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका के सबसे शक्तिशाली बमों में से एक ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ का मुकाबला करने के लिए सभी जरूरी तैयारियां कर ली हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सैन्य तैयारियों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।
ईरान के सरकारी प्रसारक टीवी के मुताबिक, नए रक्षा मंत्री अखलाघी कहा कि हमने ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ का मुकाबला करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं और अपनी तैयारियों को लेकर आश्वस्त हैं। हम पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
अखलाघी ने अमेरिका को आगे किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी। नए रक्षा मंत्री ने कहा कि ट्रंप को क्षेत्र से अपनी सेना को सुरक्षित बाहर निकालने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका बम गिराता है, तो राष्ट्रपति ट्रंप को यह भी सोचना चाहिए कि उसके कितने सैनिकों के शव वापस ले जाने पड़ सकते हैं।
अखलाघी ने चेतावनी दी कि यदि ट्रंप अपनी धमकियों पर अमल करते हैं, तो अमेरिका को इसके परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
बता दें कि मेहरदाद अखलाघी की नियुक्ति को ईरान की संसद ने रविवार को मंजूरी दी। रक्षा मंत्री और सशस्त्र बलों के रसद विभाग के प्रमुख के पद पर उनकी नियुक्ति के पक्ष में 237 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 15 सांसदों ने विरोध में वोट दिया। कुल 277 वोट डाले गए।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने 5 अक्टूबर को अखलाघी को इस पद के लिए नामित किया था। मतदान से पहले सांसदों ने उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति तथा उद्योग एवं खनन संबंधी समितियों ने भी अपना आकलन प्रस्तुत किया।
संसद में मतदान से पहले अपने संबोधन में अखलाघी ने कहा था कि अगर ईरान के विरोधियों ने एक बार फिर देश पर हमला किया, तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी-जायोनी दुश्मन एक बार फिर गलत आकलन करता है, तो ईरानी राष्ट्र और इस्लाम के लड़ाकों की प्रतिक्रिया चौंकाने वाली और व्यापक होगी।
रक्षा मंत्री के रूप में पुष्टि होने के बाद अखलाघी ने दावा किया कि 12 दिनों तक चले युद्ध के बाद ईरान ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत और आधुनिक बनाया है। उनके मुताबिक, इन बदलावों ने विरोधी देशों के आकलन और रणनीतिक गणनाओं को प्रभावित किया है।
दरअसल, अखलाघी ने अजीज नासिरजादेह की जगह ली है, जिनकी तेहरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों में मौत हो गई थी। इसके बाद राष्ट्रपति पेजेशकियान ने ब्रिगेडियर जनरल सैयद माजिद इब्न अल-रेजा को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त किया था।