
Nepal flood death toll: नेपाल में आई भीषण बाढ़ में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2498 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग ने बताया कि शनिवार शाम 5:30 बजे तक कुल 753 पर्यटकों से संपर्क टूट गया था, जिनमें 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं। जानकारी सामने आई है कि एकबार फिर भोटेकोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बहाव तेज होने की आवाज सुनने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने आपदा को लेकर बयान जारी किया है। शाह ने कहा कि नेपाल सरकार पूरी क्षमता से राहत, बचाव और पुनर्वास अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि हर प्रभावित नागरिक की जान बचाना और उसका पुनर्वास सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। नेपाल सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक अब तक 7,500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे 279 कर्मचारी भी शामिल हैं। अभियान में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 18,708 जवान और 16 हेलिकॉप्टर जुटे हैं। भारत और चीन के विशेषज्ञ भी मौके पर मदद कर रहे हैं।
नेपाल में भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया कि भारत की एक विशेष तकनीकी टीम ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरंगों के अंदर फंसे लोगों की तलाश और बचाव के लिए जलविद्युत सुरंगों का मौके पर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। नेपाल के अनुरोध पर भारत ने डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और टनल रेस्क्यू ऑपरेशन में विशेषज्ञ कर्मियों वाली 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम भेजी है। विशेष तकनीकी टीम रसुवा जिले में त्रिशूली 3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पहुंची है, जहां अचानक आए बाढ़ के बाद सुरंग के अंदर फंसे लोगों के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, भारतीय टीम ने आगे की जरूरत के हिसाब से बचाव अभियान चलाने से पहले हेलीकॉप्टर से चिलिमे और लांगतांग इलाकों का प्रारंभिक हवाई जायजा लेने की योजना बनाई है। पीएमओ ने बताया कि शुक्रवार रात से नेपाली सेना के 62 जवानों और सशस्त्र पुलिस बल नेपाल और नेपाल पुलिस के 20 जवानों सहित 82 नेपाली सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम सुरंग के प्रवेश द्वार को साफ करने और तलाशी अभियान में तेजी लाने के लिए लगातार तैनात है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने नेपाल फ्लैश फ्लड के संबंध में ताजा अपडेट साझा कर जानकारी दी है कि 50 भारतीय नागरिकों से संपर्क फिर से स्थापित हो गया है और कुल 108 लोगों को बचाया गया है। चीन से नेपाल में सुरक्षित रूप से प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 598 है। चीन से अभी तक निकलने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 900 है। ये सभी नागरिक सुरक्षित हैं और बीजिंग में भारतीय दूतावास के सीधे या स्थानीय सरकार के माध्यम से उनसे संपर्क में हैं। वहीं विदेश मंत्रालय ने बताया कि लापता भारतीय नागरिक 275 हैं और भारतीय मूल के लोग लापता लोगों की संख्या 128 है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी फ्लाइट भारत से रवाना हो गई है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि भारत से 11 टन की मदद के साथ चौथी फ्लाइट रवाना हो चुकी है। भारतीय वायुसेना के सी-130 एयरक्राफ्ट से एक टनल टेक्निकल टुकड़ी के साथ सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए उपकरण ले जाया जा रहा है। डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की एक टीम और फोरेंसिक उपकरण, राहत का सामान, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं, ले जाया जा रहा है।