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यमन में राष्ट्रपति भवन परिसर पर हूती विद्रोहियों का मिसाइल हमला, अदन में 6 धमाके, सरकार के अधिकारी सुरक्षित

यमन के अदन में राष्ट्रपति भवन परिसर पर हूती विद्रोहियों ने कई मिसाइलें दागीं। कम से कम छह धमाके हुए और सरकार के अधिकारी सुरक्षित हैं। हमले से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।
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Oct 15, 2026
Aden Missile Attack news
यमन में राष्ट्रपति भवन परिसर पर हूती विद्रोहियों का मिसाइल हमला(फोटो-X/@BashaReport)

Aden Missile Attack: यमन के दक्षिणी शहर अदन में राष्ट्रपति भवन परिसर को निशाना बनाकर हूती विद्रोहियों ने कई मिसाइलें दागीं। गुरुवार को हुए इस हमले की जानकारी यमन सरकार के दो अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दी। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, परिसर के आसपास कम से कम छह धमाकों की आवाज सुनी गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों के अनुसार, अदन में मौजूद सरकार के वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षित हैं। यह परिसर यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के इस्तेमाल में है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हमले की जिम्मेदारी ली है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकार के बीच संघर्ष तेज हो रहा है।

राष्ट्रपति भवन के आसपास छह धमाकों की आवाज

सुरक्षा अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने राष्ट्रपति भवन परिसर के आसपास कम से कम छह धमाकों की जानकारी दी। इनमें से कुछ धमाके महल के पास पहाड़ी पर और कुछ सुरक्षा द्वार के नजदीक सुने गए। हमले के बाद आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। हूती मीडिया से जुड़े एक सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया गया कि हमले में परिसर के भीतर मौजूद एक सैन्य संचालन कक्ष और हथियारों के गोदाम को निशाना बनाया गया। हालांकि, नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

सरकार के अधिकारी सुरक्षित, गार्डों की मौत की पुष्टि नहीं

यमन सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि अदन में मौजूद सरकारी नेतृत्व सुरक्षित है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में राष्ट्रपति भवन परिसर के दो सुरक्षा गार्डों की मौत का दावा किया गया है। हूती विद्रोहियों ने हमले को सऊदी अरब के खिलाफ अपने अभियान का हिस्सा बताया है। हाल के दिनों में समूह ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया है।

सऊदी अरब और हूतियों के बीच क्यों बढ़ रहा है तनाव?

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है। हूतियों ने 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से 2022 में हुए समझौते के बाद हिंसा में कुछ समय के लिए कमी आई थी। हालांकि, हाल के महीनों में संघर्ष फिर तेज हुआ है। यमन सरकार ने हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेने के लिए सैन्य अभियान भी शुरू किया है।

Updated on:
15 Oct 2026 10:34 pm
Published on:
15 Oct 2026 09:49 pm