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यमन में हूती विद्रोहियों पर 9 हवाई हमले, 168 की मौत और 210 घायल होने का दावा

यमन के ताइज प्रांत में हूती विद्रोहियों पर 9 हवाई हमले किए गए। सेना ने 168 लड़ाकों की मौत और 210 के घायल होने का दावा किया है।
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Oct 17, 2026
Taiz clashes
यमन के ताइज में हूती ठिकानों पर हुए हवाई हमलों में 168 लड़ाकों की मौत (फोटो सोर्स-ALJAZEERA)

यमन के ताइज प्रांत में सरकार समर्थक सेना और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष तेज हो गया है। सैन्य कमान के की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार,, जमीनी झड़पों और हवाई हमलों में 168 हूती लड़ाके मारे गए, जबकि 210 घायल हुए हैं। सेना ने हूती ठिकानों और उनके जमावड़े पर 9 हवाई हमले करने की बात कही है। वहीं दूसरी ओर, गाजा में हालात लगातार नाजुक बने हुए हैं। यूनिसेफ (UNICEF) ने चिंता जताते हुए बताया है कि सीजफायर समझौते के बावजूद इजरायली हमलों में अब तक 340 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है।

ताइज में 9 हवाई हमले, हूती ठिकानों को पहुंचा भारी नुकसान

सरकारी समाचार एजेंसी सबा के हवाले से ताइज एक्सिस सैन्य कमान ने बताया कि लड़ाकू विमानों ने अल-मिसराख जिले, अल-शकाब मोर्चे और ताइज शहर के आसपास मौजूद हूती ठिकानों को निशाना बनाकर 9 सटीक एयरस्ट्राइक की। इस कार्रवाई और हवाई हमलों का ब्यौरा देते हुए सेना ने बताया कि इनमें 168 हूती लड़ाके मारे गए और 210 लड़ाके घायल हुए हैं। इसके अलावा पश्चिमी मोर्चे पर भी दोनों पक्षों के बीच लगातार भारी गोलाबारी और झड़प जारी होने की खबर है।

गाजा में मासूम बच्चों पर गहराया संकट

इस तनाव के बीच जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूनिसेफ के प्रवक्ता रिकार्डो पाइरेस ने गाजा के चिंताजनक हालात पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में हुए 'सीजफायर' समझौते के बाद भी गाजा पट्टी की नाकेबंदी और हमले नहीं रुके हैं।
पाइरेस के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में गाजा में हुए हमलों में 5 लड़कों और 2 लड़कियों की जान चली गई, जबकि 33 से अधिक बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अक्टूबर 2025 में सीजफायर समझौता लागू होने के बाद से अब तक 340 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं।

सर्दियों में और बिगड़ सकते हैं हालात, 8 लाख बच्चे विस्थापित

यूनिसेफ (UNICEF) प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि गाजा में लगभग 8 लाख बच्चे बेघर होकर अस्थायी तंबुओं या जर्जर इमारतों में रहने को मजबूर हैं। आने वाले कड़ाके की ठंड वाले मौसम में इन बेघर बच्चों की मुसीबतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं। यह लगातार चौथा ऐसा साल होगा जब फिलिस्तीनी बच्चों को इन अमानवीय और असुरक्षित परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

Updated on:
17 Oct 2026 07:56 am
Published on:
17 Oct 2026 07:11 am