इन जिलों में छाया पीने के पानी का संकट, महापंचायत कर लिया गया अब तक का सबसे बड़ा फैसला, देखें वीडियो

इन जिलों में छाया पीने के पानी का संकट, महापंचायत कर लिया गया अब तक का सबसे बड़ा फैसला, देखें वीडियो

Rahul Chauhan | Updated: 09 Oct 2019, 03:27:07 PM (IST) Bagpat, Bagpat, Uttar Pradesh, India

Highlights:

-एनजीटी के ग्रामीणों को स्वच्छ पीने के पानी की व्यस्था के आदेशों के बाद भी अधिकारियों ने इसे पूरा नहीं किया

-जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को एक महापंचायत का आयोजन किया

-जिसमें 6 जिलों के 100 गांवों के लोग शामिल हुए

बागपत। एक तरफ जहां देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश सरकार स्वच्छता मिशन को लेकर काफी गम्भीर है तो वहीं बागपत के अधिकारी एनजीटी के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। कारण, एनजीटी के ग्रामीणों को स्वच्छ पीने के पानी की व्यस्था के आदेशों के बाद भी अधिकारियों ने इसे पूरा नहीं किया। जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को एक महापंचायत का आयोजन किया। जिसमें 6 जिलों के 100 गांवों के लोग शामिल हुए और पंचायत में गांव-गांव अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर नदियों को प्रदूषण मुक्त कराने का फैसला लिया।

यह भी पढ़ें : नकल रोकने के लिए उठाया गया यह सख्त कदम, हिल भी नहीं पाएंगे Students

दरअसल, दिल्ली से सहारनपुर जनपद तक 6 जिलों के 148 गांव पिछले काफी समय से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। कारण, हाल ही में एक रिपोर्ट से ये खुलासा हुआ कि हिंडन, कृष्णा और काली नदियों के किनारे बसे इन गांवों में ग्रामीण कैंसर जैसी घातक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अकेले बागपत जिले की बात करें तो बागपत और मेरठ जनपदों में हिंडन और कृष्णा नदियों के किनारे बसे 41 गांवों में लोग घातक बीमारियों से मौत और जिंदगी से जूझ रहे हैं। अब तक सैकड़ों लोगों की बीमारियों के चलते मौत भी हो चुकी है।

यह भी पढ़ें: ठंडी हवाओं और बादलों के बीच बदला मौसम का मिजाज, जानें अपने शहर का हाल

आलम यह है कि दहशत में लोग अपने गांवों में प्यासे ही रहने को मजबूर हैं। जहरीला हो चुका नदियों का पानी अब गांव के नलकूपों में उतर आया है। जिसके चलते पर्यावरण समिति के अध्यक्ष डॉ चन्द्रवीर सिंह 2012-13 से नदियों को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। जिसके चलते एनजीटी ने प्रदूषित हो चुकी नदियों से लोगों को मौत के मुंह से बचाने के लिए सभी 6 जनपदों के अधिकारियों को नलकूपों को उखड़वाने और गांव में स्वच्छ पीने के पानी की व्यवस्था करने के सख्त आदेश दिए थे। लेकिन गांवों में अभी तक भी कोई व्यवस्था नहीं की गई।

यह भी पढ़ें : राफेल आने से पहले Indian Air Force इस लड़ाकू विमान को करेगी रिटायर, दुश्मन को चटा चुका है धूल

जिसके चलते बागपत जिले के दाहा गांव में एक महापंचायत बुलाई गई। जिसमे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद और मेरठ जिलों के करीब 100 गांवों के लोग शामिल हुए। इस दौरान नदियों को बचाने के लिए लोगों ने अपनी-अपनी राय दी है। साथ ही सभी गांव के लोगों अपने-अपने गांव से नलकूपों का पानी लेकर पहुंचे। जिसकी लैब में जांच कराई गई। इस दौरान ग्रामीणों ने जिले के अधिकारियों पर मामले में लापरवाही बरतने और कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करने का भी आरोप लगाया।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned