script बारिश से चना, तिवरा की फसल को नुकसान | Gram and Tiwari crop damaged due to rain | Patrika News

बारिश से चना, तिवरा की फसल को नुकसान

locationबालोदPublished: Feb 12, 2024 11:41:13 pm

अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी व बने सिस्टम की वजह से रविवार की रात जिले में रिमझिम बारिश हुई। हालांकि जिले में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई।

समस्या: किसानों ने मांगी क्षतिपूर्ति राशि, कृषि विभाग ने 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना देने कहा

बालोद. अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी व बने सिस्टम की वजह से रविवार की रात जिले में रिमझिम बारिश हुई। हालांकि जिले में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई। बारिश की वजह से चना और तिवरा की फसलों पर असर पडऩे की आशंका है।

साग-सब्जियों की फसलों में लग सकती है बीमारी
किसानों की मानें तो बदली व बारिश के कारण उत्पादन प्रभावित हो सकता है। यहीं नहीं साग-सब्जियों की फसलों में भी बीमारी लग सकती है। मौसम विभाग की मानें तो जिले में औसत 1.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा बारिश बालोद तहसील में 3.1, गुरुर तहसील में 2.2 तथा गुंडरदेही तहसील में 1.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

बदली व बारिश का असर तापमान पर, 32 डिग्री अधिकतम तापमान
जानकारी के मुताबिक बदली व बारिश की वजह से तापमान पर भी असर पड़ा है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग की मानें तो अभी आने वाले दो दिन मौसम इसी तरह रहने का अनुमान है।

कलेक्टर ने जारी किया निर्देश
अतिवृष्टि, ओलावृष्टि व आकाशीय बिजली गिरने से अधिसूचित फसलों के नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति दी जाएगी। क्षतिपूर्ति राशि संबंधित बीमा कंपनी, कृषि, राजस्व अधिकारियों को 72 घंटे के भीतर सूचित करना आवश्यक होगा।

25 प्रतिशत से ज्यादा हानि पर होगा निर्धारण
कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि यदि प्रभावित इकाई में 25 प्रतिशत से ज्यादा हानि होती है तो जिला स्तरीय संयुक्त समिति द्वारा सेम्पल जांच कर क्षतिपूर्ति का निर्धारण किया जाएगा, जिसके अनुसार प्रभावित इकाई में सभी बीमित पात्र कृषकों को क्षतिपूर्ति देय होगी। उन्होंने बताया कि कृषक इसकी सूचना संबंधित क्रियान्वयक बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर, एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के हेल्प लाइन नंबर 18002660700 पर या लिखित रूप से स्थानीय कृषि, राजस्व अधिकारियों, संबंधित बैंक अथवा जिला कृषि, राजस्व पदाधिकारी को लिखित रूप से निर्धारित समय सीमा 72 घंटे के भीतर बीमित फसल का ब्यौरा, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करना होगा।

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