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जर्जर स्कूल भवन में बच्चे पढ़ने मजबूर, छत टपक रही, स्टाफ रूम का प्लास्टर गिरा

राशि स्वीकृति होने के बाद भी आज तक सांकरा (ज) में स्कूल भवन का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। आज भी बच्चे जर्जर भवन में बैठकर पढऩे मजबूर हैं। स्कूल की छत से पानी टपक रहा है और प्लास्टर उखड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि वित्त विभाग के आदेश का इंतजार है। नए स्कूल भवन के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है। टेंडर भी हो गया, लेकिन खुला नहीं है।

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राशि स्वीकृति होने के बाद भी आज तक सांकरा (ज) में स्कूल भवन का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। आज भी बच्चे जर्जर भवन में बैठकर पढऩे मजबूर हैं। स्कूल की छत से पानी टपक रहा है और प्लास्टर उखड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि वित्त विभाग के आदेश का इंतजार है। नए स्कूल भवन के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है। टेंडर भी हो गया, लेकिन खुला नहीं है।

Dilapidated school building राशि स्वीकृति होने के बाद भी आज तक सांकरा (ज) में स्कूल भवन का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। आज भी बच्चे जर्जर भवन में बैठकर पढ़ने मजबूर हैं। स्कूल की छत से पानी टपक रहा है और प्लास्टर उखड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि वित्त विभाग के आदेश का इंतजार है। नए स्कूल भवन के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है। टेंडर भी हो गया, लेकिन खुला नहीं है।

सितंबर 2023 में हुआ भूमिपूजन

नए भवन के लिए एक करोड़ 21 लाख की स्वीकृति एक साल पहले हो चुकी है। नया भवन बनाने 26 सितंबर 2023 को भूमिपूजन तक हो चुका है।

स्टाफ रूम में मलबा गिरा, बाल-बाल बचे

यहां शासन व प्रशासन की भी लापरवाही है। उन्हें भी स्कूल की स्थिति पता है, फिर भी सुस्ती बरती जा रही है। स्कूल में जर्जर छत होने के कारण यहां आए दिन घटना होती रहती है। पूर्व में एक छात्र पर पंखा गिर चुका है। मलबा भी बुधवार को स्टाफ रूम में गिर गया। स्टाफ बाल-बाल बच गया। पहले भी इस तरह की घटना कई बार हो चुकी है।

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शिविर में भी नहीं हुआ निराकरण

दो दिन पहले यहां जिला प्रशासन ने जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया था। सैकड़ो लोगों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया गया। गंभीर समस्या जर्जर स्कूल भवन को लेकर चर्चा नहीं हुई।

कलेक्टर को भी दिखाई समस्या

स्कूल के प्रभारी प्राचार्य टीआर ठाकुर ने कहा कि दो दिन पहले जिला स्तरीय शिविर के दौरान भी हमने वस्तुस्थिति से अधिकारियों को अवगत कराया। स्वयं कलेक्टर आए थे। उन्होंने भी यहां की हालत देखी है। हम चाहते हैं कि जल्द नए भवन का निर्माण शुरू हो। भवन के लिए भूमिपूजन हो चुका है। अब तक काम शुरू क्यों नहीं हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। समय-समय पर हम विभाग को समस्या से अवगत कराते हैं। सभी कमरे की छत जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह पानी टपक रहा है। मलबा भी गिरते रहता है। बच्चे सहित शिक्षक भी डरे सहमें रहकर अध्ययन-अध्यापन करते हैं।

डीईओ ने कहा - मामले को दिखवाता हूं

जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले ने कहा कि आपके माध्यम से वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी मिल रही है। नए भवन को लेकर क्या स्थिति है, इसकी जानकारी नहीं है। मैं पता कर आपको बताता हूं। भवन जर्जर हालत में है तो इसकी जानकारी है।

पुराना बजट होने के कारण टेंडर नहीं खुला

लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता एम प्रसाद ने बताया कि नए स्कूल भवन की स्वीकृति हो चुकी है। टेंडर भी लग गया था। पुराना बजट होने के कारण खुला नहीं है। वित्त विभाग से परमिशन मिल जाए तो खुल जाएगा। मलबा गिरने से संबंधित जानकारी आपके माध्यम से मिल रही है। अब हम क्या कर सकते हैं। जैसे ही वित्त विभाग से स्वीकृति मिलती है। टेंडर एलाट हो जाएगा और काम शुरू होगा।