
बालोद को जिला बने लगभग 13 साल हो गए हैं, लेकिन जिले में प्रयास विद्यालय की सौगात नहीं मिल पाई। इसके लिए गंभीरता भी नहीं बरती गई। नतीजा यह है कि जिले का प्रयास विद्यालय दुर्ग के आवासीय प्रयास विद्यालय में 3 साल से संयुक्त रूप से संचालित हो रहा है। इसका संचालन भी दुर्ग आदिवासी विकास विभाग कर रहा है। प्रयास विद्यालय में 500 बच्चों को भर्ती कर पढ़ाई कराने की योजना है। यहां इतने ज्यादा संख्या में व्यवस्थित रूप से बच्चों को रखने व पढ़ाई कराने किराए में भी जगह नहीं मिली। इस वजह से दुर्ग में संचालन हो रहा है।
प्रयास आवासीय विद्यालय के भवन निर्माण के लिए पांच साल पहले जिले के ग्राम पिनकापार में लगभग 8 एकड़ जमीन का चिन्हांकन किया है। लेकिन शासन से राशि स्वीकृति नहीं होने के कारण आज तक मामला लटका हुआ है।
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प्रयास विद्यालय जिले में ही संचालित हो, इसके लिए जिले के सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना होगा। जिले में जमीन का चिन्हांकन कर लिया है, लेकिन शासन विद्यालय बनाने राशि स्वीकृत नहीं कर रहा है। शासन-प्रशासन को गंभीरता भी बरतनी चाहिए।
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बालोद के नाम से दुर्ग के प्रयास विद्याल्य में कक्षा नवमी से 11वीं तक लगभग 340 बच्चे अध्ययनरत हैं। हालांकि हर साल दावा किया जाता है कि जल्द बालोद में इसका संचालन होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अभी इसके लिए समय लगेगा।
वर्तमान में बालोद जिले के विद्यार्थी दुर्ग में जाकर प्रयास विद्यालय में पढ़ाई करते हैं। विद्यालय बालोद जिले में ही संचालित हो तो जिले के विद्यार्थी यहीं पढ़ाई करेंगे। समय की बचत होगी, परिजनों को भी अपने बच्चों से मुलाकात करने में आसानी होगी। सभी चाह रहे हैं कि हर हाल में नए साल में प्रयास विद्यालय का संचालन बालोद जिले में ही करने प्रयास करें।
गुंडरदेही विधायक कुंवरसिंह निषाद ने कहा कि प्रयास विद्यालय के लिए कई बार हमने मुख्यमंत्री से मांग की हैैं, शासन स्तर से इसमें देरी हो रही है। प्रयास विद्यालय का संचालन जिले में ही होना बहुत जरूरी है।
आदिवासी विकास विभाग बालोद के सहायक आयुक्त विजय कंवर ने कहा कि पिनकापार में प्रयास विद्यालय के लिए जमीन का चिन्हांकन किया गया है। शासन स्तर पर विद्यालय के लिए प्रक्रिया चल रही है। वर्तमान में संचालन दुर्ग में ही हो रहा है।
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Updated on:
01 Jan 2026 12:04 am
Published on:
01 Jan 2026 12:04 am
