बिना कोरोना जांच किए सर्दी-बुखार का इलाज कर रहे 3 क्लीनिक को एसडीएम और डिप्टी कलक्टर ने किया सील

Clinic sealed: नियम विरुद्ध तरीके से तीनों क्लीनिकों (Clinic) का किया जा रहा था संचालन, अधिकारी बोले- कोरोना (Corona) के इस दौर में नीम-हकीमों से न कराएं इलाज

By: rampravesh vishwakarma

Published: 05 May 2021, 10:12 PM IST

बलरामपुर. राजस्व व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कलक्टर श्याम धावड़े के निर्देश पर जिले में नियम विरूद्ध संचालित क्लीनिकों पर कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में एसडीएम अजय किशोर लकड़ा के नेतृत्व में विकासखंड बलरामपुर के ग्राम गणेश मोड़ में अवैध रूप से संचालित क्लीनिक की जांच कर कार्यवाही की गई।

कार्यवाही के दौरान क्लीनिक के संचालनकर्ता पशुपति के घर में अवैध रूप से रखी गई दवाइयों को जब्त किया गया। पशुपति के क्लीनिक से टैबलेट, इंजेक्शन, ग्लूकोमीटर व बीपी नापने की मशीन तथा प्रमाण पत्र के जब्ती की कार्यवाही की गई। (Clinic seal)

Read More: आंख के अस्पताल में 500 से 1000 रुपए में 18 प्लस वालों को लग रहा था Vaccine, प्रशासन ने किया सील


इसी क्रम में डिप्टी कलक्टर व प्रभारी तहसीलदार रामानुजगंज विवेक चन्द्रा ने भी कोविड-19 की जांच कराए बिना सर्दी, खांसी व बुखार के मरीजों का इलाज तथा अवैध रूप से दवाइयां दिये जाने पर 2 क्लीनिकों को सील किया है। उक्त कार्यवाही के दौरान मस्जिद गली रोड स्थित केजीएन क्लीनिक व नियाजूद्दीन क्लीनिक को सील कर दिया गया है।

डिप्टी कलक्टर चन्द्रा ने क्लीनिकों को तत्काल सील (Clinic seal) करते हुए संबंधितों को चिकित्सकीय कार्य बंद करने के कड़े निर्देश दिए।

Read More: मेडिकल स्टोर के पीछे बने रूम का नजारा देख ऑफिसर भी रह गए हैरान, दीवारों पर टंगे थे सबूत, किया सील


डिप्टी कलक्टर बोले- गलत कर रहे थे उपचार
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के इस दौर में चिकित्सकीय लापरवाही से लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। किसी भी प्रकार के सर्दी, बुखार व खांसी होने पर तत्काल कोरोना की जांच कराई जानी चाहिए।

जबकि इनके द्वारा विभिन्न प्रकार की दवाइयों के साथ मरीज का गलत उपचार किया जा रहा था। उक्त कृत्य को नियम विरूद्ध पाये जाने पर कार्यवाही करते हुए कार्य न करने के निर्देश दिये हैं।


अप्रशीक्षित लोगों से न कराएं इलाज
साथ ही डिप्टी कलक्टर चन्द्रा ने लोगों से अपील की है कि सर्दी, बुखार होने पर इस प्रकार नीम-हकीम व अप्रशिक्षित व्यक्तियों से अपना इलाज (Treatment) न कराएं बल्कि तत्काल कोरोना की जांच कर उचित उपचार प्राप्त करें। इस प्रकार उपचार प्राप्त कर आप अपना और अपनों का जीवन खतरे में डालते हैं और संक्रमण का फैलाव बढ़ता जाता है।

rampravesh vishwakarma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned