कर्नाटक में विप के तीन सीटों के लिए उपचुनाव 3 अक्टूबर को

कर्नाटक में विप के तीन सीटों के लिए उपचुनाव 3 अक्टूबर को

arun Kumar | Publish: Sep, 13 2018 12:49:54 AM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

परमेश्वर, ईश्वरप्पा तथा सोमण्णा के विधायक बनने से रिक्त हुई विधान परिषद की तीन सीट

बेंगलूरु. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर, भाजपा नेता के.एस. ईश्वरप्पा तथा वी. सोमण्णा के विधानसभा के लिए चुने जाने से रिक्त हुई विधान परिषद की तीन सीटों के लिए उपचुनाव 3 अक्टूबर को होंगे।
के.एस. ईश्वरप्पा, जी. परमेश्वर, सोमण्णा के क्रमश: शिवमोग्गा, कोरटगेरे तथा गोविंदराजनगर विधानसभा सीटों के लिए निर्वाचित होने के बाद से उनकी सदस्यता स्वत: ही समाप्त हो गई। केन्द्रीय निर्वाचन आयोग के अनुसार तीनों सीटों के लिए 14 सितम्बर को अधिसूचना जारी की जाएगी। 22 सितम्बर नामांकन पत्र भरने की अंतिम तारीख होगी, 24 सितम्बर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 26 सितम्बर नाम वापसी की अंतिम तारीख होगी। आगामी 3 अक्टूबर, बुधवार को विधानसौधा परिसर में स्थापित मतदान केन्द्र में सुबह 9 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक मतदान होगा और शााम 5 बजे के बाद मतगणना शुरू होगी और उसी दिन शाम तक चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस चुनाव में केवल विधानसभा के सदस्य ही मतदान कर सकेंगे। उपचुनाव में निर्वाचित दो सदस्यों का कार्यकाल 30 जून 2020 को जबकि एक सदस्य का कार्यकाल 14 जून 2022 को समाप्त हो जाएगा और इसके बाद इन सदस्यों को रिटायर कर दिया जाएगा।

सरकार गिरी तो हाथ बांधकर नहीं बैठेंगे: रवि

बेंगलूरु. भाजपा के प्रदेश महासचिव विधायक सी.टी. रवि ने कहा हैकि राज्य में सत्तासीन गठबंधन सरकार को गिराने की भाजपा कोई कोशिश नहीं करेगी, लेकिन यदि आंतरिक कलह के कारण यह सरकार गिर जाती है तो उस स्थिति में हम हाथ बांधकर नहीं बैठेंगे।
रवि ने मंगलवार को विधानसौधा में भाजपा विधायक दल के कार्यालय में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसी पार्टी के विधायक सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं और नित नए घटनाक्रम चल रहे हैं। हम सरकार को गिराने की कोशिश नहीं करेंगे, मगर सरकार स्वत: गिर जाती है तो पार्टी की सरकार के गठन के बारे में समुचित निर्णय किया जाएगा।
उन्होंने एक सवाल पर कहा कि कांग्रेस के नेताओं के भाजपा के विधायकों के साथ चर्चा नहीं करने का कोई नियम नहीं है। जब भारत-पाकिस्तान के साथ बातचीत कर सकता है तो एक राजनीतिक पार्टी के नेताओं का दूसरी पार्टी के नेताओं के साथ बातचीत करना कोई बड़ी बात नहीं है।
यदि हमारी सरकार सत्ता में आती है तो हम स्वार्थ के बजाय लोगों को क्या चाहिए, इस बारे में चिंतन करेंगे। एक सवाल पर कहा कि यदि शिवकुमार के सभी लेनदेन पारदर्शक तरीके से हुए हैं तो उनको अनावश्यक डर क्यों लग रहा है? आयकर अधिकारी कानून के अनुसार कदम उठा रहे हैं।

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