
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि वृद्ध गायों की देखभाल करना सरकार और समाज की जिम्मेदारी है।गुरुवार को यहां गायों को गोद लेने की 'पुण्यकोटि' योजना शुरू करने के बाद उन्होंने कहा कि हमें यह देखना होगा कि क्या हम वृद्ध गायों की देखभाल कर रहे हैं। लोगों को गायों का इस्तेमाल करने और बाद में उन्हें छोड़ने की आदत है। इसी वजह से सरकार ने गोवध निवारण अधिनियम लागू किया। अब गोशालाओं में गायों की बच्चों की तरह देखभाल की जाती है।
सबसे मार्मिक और भावनात्मक कार्यक्रम
सीएम ने कहा कि यह सबसे मार्मिक और भावनात्मक कार्यक्रम है। गाय का भारत में सबसे पवित्र स्थान है और यह एक संस्कृति भी है।
बोम्मई ने कहा कि राज्य में गायों की सुरक्षा के लिए 'पुण्यकोटि' गोद लेने की योजना शुरू की गई थी। यह देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग है जिसके तहत गायों को चारा, देखभाल और आश्रय प्रदान किया जाता है। राज्य सरकार के कर्मचारियों ने गोद लेने की योजना के लिए 28 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इसके अलावा, अन्य संघों और संगठनों ने 28,000 गायों की देखभाल के लिए 100 करोड़ रुपये का दान दिया है। अगले साल से इस योजना का विस्तार एक लाख गायों तक किया जाएगा। नागरिक पुण्य कोटि वेबसाइट पर जा सकते हैं और ऑनलाइन दान कर सकते हैं। गायों की मदद करना मां की सेवा करने जैसा है। जो लोग अपनी मां से प्यार करते हैं उन्हें इस योजना में शामिल होना चाहिए।
गायों का वीडियो अवश्य भेजें
सीएम ने कहा कि अनुदान प्राप्त करने वाली गोशालाएं महीने में एक बार विभाग को गोद ली गई गायों का वीडियो अवश्य भेजें क्योंकि इससे और लोग प्रेरित होंगे। यह मौजूदा सरकार द्वारा लागू की गई सबसे यादगार योजनाओं में से एक है।
इस मौके पर पशुपालन मंत्री प्रभु चव्हाण, विभाग की सचिव सलमा फहीम, सरकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष षडाक्षरी सहित अन्य उपस्थित थे।
Published on:
23 Mar 2023 10:07 pm
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