script NCC जॉइन करने के बाद हुआ वर्दी से प्यार, 5 असफलता सही...अब दिल्ली पुलिस में बनी कांस्टेबल | Barmer daughter becomes constable in Delhi Police | Patrika News

NCC जॉइन करने के बाद हुआ वर्दी से प्यार, 5 असफलता सही...अब दिल्ली पुलिस में बनी कांस्टेबल

locationबाड़मेरPublished: Feb 05, 2024 07:55:42 pm

Submitted by:

Anant awdichya

5 बार असफल हुई, लेकिन मेहनत व लगन में कमी नहीं आने दी। प्रमोद बताती है कि लोगों के तानों की वजह से ही उन्हें सफलता हाथ लगी है। बाड़मेर की बेटी का अब दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल पद पर चयन हुआ है ।

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बाड़मेर की बेटी का 5 असफलताओं के बाद दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल पद पर चयन हुआ है । उनकी सफलता के बाद परिवार में जश्न का माहौल है। आपको बता दें कि बाड़मेर की बेटी ने इस उपलब्धि के लिए दिन-रात मेहनत की। लड़कों की तरह शारीरिक रूप से कड़ी मेहनत की। कूद व दौड़ में घंटों बिताए। इस दौरान उन्हें कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। तैयारी के दौरान उन्होंने पहले पटवारी की परीक्षा दी, फिर रीट (REET), दिल्ली पुलिस कांस्टेबल सहित 5 परीक्षाओं में असफल रही। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। बल्कि अपने प्रयास तेज कर दिए और सफलता हासिल करके ही दम लिया। 7 बहनों में सबसे छोटी प्रमोद पर अब सभी को गर्व है।

पिता ने बेटियों को दिए बराबर के मौके


प्रमोद के पिता का कहना है कि उनकी छोटी बेटी प्रमोद बचपन से ही मेधावी और मेहनती है। इसलिए पिता होने के नाते मैंने हर संभव प्रयास किया कि मेरे बच्चे सक्षम बनें। प्रमोद को बचपन से ही पढ़ाई का शौक था, जिसके बाद उसे बेहतर पढ़ाई के लिए बाड़मेर भेजा। पिता ने बताया कि बेटे और बेटियों में फर्क नहीं किया और एक जैसे मौके देने के हरसंभव प्रयास किए। हालांकि प्रमोद के अलावा मेरी अन्य बेटियों को पढ़ाई ज्यादा नहीं भाया, लेकिन छोटी बहन की सफलता के बाद सभी गौरवान्वित हैं।

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एनसीसी जॉइन करने के बाद हुआ वर्दी से प्यार


प्रमोद भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे बाड़मेर के छोटे से गांव दुधू की है। वह 7 बहनों में सबसे छोटी है। प्रमोद बताती है कि उसकी शुरुआत की पढ़ाई उसके गांव में हुई फिर 12वीं धोरीमन्ना कस्बे से की और इसके बाद उसको उसके पिता ने पढ़ने के लिए बाड़मेर भेज दिया, जहां एनसीसी को जॉइन करने के बाद उसको वर्दी से प्यार हो गया। हालांकि इस दौरान 5 बार असफल हुई, लेकिन मेहनत व लगन में कमी नहीं आने दी। प्रमोद बताती है कि लोगों के तानों की वजह से ही उन्हें सफलता हाथ लगी है। वह कहती है कि आसपास के लोग घरवालों को खूब ताने देते थे ऐसे में घर जाना भी अच्छा नहीं लगता था। लेकिन अब सफलता के बाद सभी खुश हैं।

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