बाड़मेर : गंभीर मरीज अब नहीं होंगे रैफर, जिला अस्पताल में मिलेगी वेंटिलेटर की सुविधा

-वेंटिलेटर और बाइपेप संचालन के लिए टीम तैयार
-कोविड आइसीयू में पॉजिटिव को रखा जा रहा है बाइपेप पर
-अब गंभीर मरीजों के रैफर के केस कम होने की जगी उम्मीद

By: Mahendra Trivedi

Published: 06 Oct 2020, 08:50 PM IST

बाड़मेर. मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद आखिर जिला अस्पताल में मरीजों के लिए वेंंटिलेटर की सुविधा शुरू कर दी गई। अब वेंटिलेटर की कमी को लेकर किसी मरीज को रैफर नहीं होना पड़ेगा। अस्पताल में सालों से वेंटिलेटर शुरू होने का इंतजार अब खत्म हो गया है।
जिला अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं होने के कारण यहां से गंभीर मरीजों को जोधपुर रैफर किया जाता रहा है। कई मरीज जोधपुर पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ देते हैं। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद अस्पताल में वेेंटिलेटर शुरू होने की कवायद लंबे समय से चल रही थी। लेकिन स्टाफ की कमी को लेकर वेंटिलेटर की सुविधा गंभीर मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पाई।
कोविड के मरीज अब नहीं होंगे रैफर
चिकित्सा प्रबंधन का दावा है कि अब गंभीर कोरोना मरीजों को बाइपेप पर रखा जा रहा है। यह भी वेंटिलेटर की तरह ही काम करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वेंटिलेटर से भी बेहतर काम करता है। जिससे कोरोन मरीजों के जल्दी स्वस्थ होने में बड़ी मदद मिलेगी। अब कोविड के मरीज सांस की तकलीफ की वजह से रैफर नहीं होंगे।
अभी हाल ही में एक मरीज को लिया वेंटिलेटर पर
बाड़मेर अस्पताल में पहली बार एक गंभीर मरीज को अभी कुछ समय पहले वेंटिलेटर पर लिया गया था। चिकित्सकों के अनुसार उसका उपचार यहां चला। इसके बाद परिजनों के आग्रह पर उसे हायर सेंटर के लिए रैफर कर दिया गया।
अस्पताल में 40 वेंटिलेटर, 35 बाइपेप
मेडिकल कॉलेज सम्बद्ध जिला अस्पताल में 40 वेंटिलेटर है। अब सुविधा शुरू होने से वेंटिलेटर का उपयोग होगा तो मरीजों को गंभीर अवस्था में ही यहां उपचार की सुविधा मिल सकेगी। वहीं 35 बाइपेप भी अस्तपाल में मरीजों के लिए उपलब्ध है। जिन्हें अब काम में लिया जा रहा है। सबसे अधिक बाइपेप अभी कोरोना मरीजों के लगाए गए हैं। जिससे उन्हें ऑक्सीजन और भी बेहतर तरीके से मिल रही है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरके आसेरी से सीधी बात...
सवाल: अस्पताल में कितने वेंटिलेटर है, क्या ये उपयोग में आ रहे हैं ?
जवाब: अभी 40 वेंटिलेटर और 35 बाइपेप है, जरूरत पर मरीजों के लगाए जा रहे हैं।
सवाल: पहले वेंटिलेटर होते हुए भी सुविधा नहीं मिल रही थी ?
जवाब: अब हमने यहां पर वेंटिलेटर की चिकित्सा सुविधा शुरू कर दी है।
सवाल: कोरोना गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर लेते हैं ?
जवाब: कुछ गंभीर मरीजों को बाइपेप लगाए हैं, जरूरत होगी तो वेंटिलेटर पर भी लेंगे।

Mahendra Trivedi Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned