
बाड़मेर. पूंजा जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते युवा।
महाराणा प्रताप के वीर साथी थे राणा पूंजा
राणा पूंजा जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित
बाड़मेर. महाराणा प्रताप के वीर साथी राणा पूंजा की जयंती पर जिला मुख्यालय पर भील समाज के युवाओं ने सामुदायिक छात्रावास में श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धा से याद किया। मेवाराम भील गेहूं ने कहा कि राणा पूंजा ने मुगलों से मुकाबला करने के लिए मेवाड़ के साथ खड़े रहने का निर्णय लिया और महाराणा प्रताप को वचन दिया कि राणा पूंजा और सभी भील मेवाड़ की रक्षा करने के लिए तत्पर हैं। इस घोषणा के लिए महाराणा ने राणा पूंजा को गले लगाया और अपना भाई कहा। इस मौके प्रो. खगेंद्र भील, पार्षद गोविंद भील, सरपंच जीत परमार, भोमाराम विशाला राणा पूंजा सेना जिला अध्यक्ष बाड़मेर, भूराराम श्यामपुरा सरपंच , स्वरूप मकवाना ,प्रकाश वाघेला मौजूद रहे। भील समाज छात्रावास तक सड़क निर्माण व माडा के सदस्य बनने पर गोविंद भील पार्षद का स्वागत किया।
जय राजपुताना संघ की ओर से महाबार पीथल में स्थित खींवज माता मन्दिर में राणा पूंजा की जयंती श्रद्धा से मनाई गई। इस मौके पर उन्हें पुष्प अर्पित किए गए। संघ के जिला संयोजक गिरधरसिंह उण्डखा ने बताया कि हल्दी घाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप का साथ दे रहे राणा पूंजा की युद्ध कलाएं व नेतृत्व इतिहास में जगजाहिर हैं। राणा पूंजा की भील सेना ने तीर, भाले, गोफण व भाटों से अकबर की सेना को घेर कर उसके दांत खट्टे कर दिए थे, ऐसे महान योद्धा का स्मरण कर के उनके बताए मार्गों पर चलें। कार्यकर्ता भीमसिंह सोलंकी ने राणा पूंजा की जीवनी पर प्रकाश डाला। इस मौके जेठमालसिंह सोलंकी, हुकमसिंह सोलंकी, उप सरपंच देवीसिंह , राणसिंह ,देवीसिंह, नरपतसिंह व जसवंतसिंह आदि मौजूद थे।
Published on:
06 Oct 2022 06:22 pm
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