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नगर परिषद का कैसा खेल, पहले सीज, फिर छोड़ी, कुछ पर अब तक मेहरबानी

- पालिका बाजार की दुकानों में परिवर्तन के कारण सीज का मामला- बोर्ड बैठक में उठा था मामला...जिम्मेदारों ने चैक लेकर खुलवा दी दुकानें - नगर परिषद के कार्मिकों की मनमानी आई सामने

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Seas case due to change in shops in Palika Bazar

Seas case due to change in shops in Palika Bazar

बाड़मेर. बाड़मेर नगर परिषद में नवगठित बोर्ड के बावजूद भी जिम्मेदार कार्मिकों की कार्यप्रणाली रामभरोसे ही दिख रही है। यहां पालिका बाजार में एक सप्ताह पहले सीज की गई दुकानों पर मेहरबान हो गए और उन्हें प्रतिष्ठान खोलने की इजाजत दे दी।

पिछले दिनों शहर में नियम-कायदे ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध निर्माण पर नगर परिषद की कार्रवाई शुरू हुई। टीमों ने पालिका बाजार में स्थित मोबाइल के तीन बड़े शोरूम सीज किए। जिसमें नगर परिषद प्लान के तहत आवंटित छह दुकानों को सीज किया।

लेकिन एक दुकानदार ने न्यायालय का द्वार खटखटाया और स्टे लिया। उसके बाद नगर परिषद ने आनन-फानन में दो अन्य दुकानों को खोल दिया है। अब नगर परिषद के जिम्मदेार बचाव में कह रहे हैं दुकानदारों से चैक लिए है। डीएलबी से स्वीकृति मिलने पर पेनल्टी लगाई जाएगी।

लेकिन तीन दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानों पर जिम्मेदार अधिकारी मेहरबान नजर आ रहे हैं।जबकि यहां पर कई दुकानों के मूल स्वरूप में परिवर्तन किया हुआ है।

छत तोड़ बनाया कैफे

एक दुकानदार ने छत तोड़कर सीढिय़ा निकाली और कैफे बना दिया। इतना ही नहीं दिवारे तोड़कर कांच लगा दिए और बड़े स्तर पर व्यवसाय शुरू कर दिया, लेकिन जिम्मेदार उस कैफे को लेकर अनजान है।

इसके अलावा सीज हुई तीन दुकानों को छोड़कर अन्य कई दुकानों की दीवारंे तोड़कर परिवर्तन किया हुआ है। लेकिन उन्हें छोड़ दिया।

इसलिए हुई थी कार्रवाई

पालिका बाजार में दुकानें नीलामी से आवंटन हुई है। नियमानुसार शर्ते है कि दुकानदार अपनी मर्जी से कुछ भी परिवर्तन नहीं कर सकता है। वहीं बाजार में दुकान सीज होने के बाद डीएलबी की बिना स्वीकृति फिर से नहीं खोला जा सकता है। लेकिन जिम्मेदारों ने नियमों को अनदेखा कर दुकानों को फिर से व्यापारियों को खोलने के लिए सौंप दिया।

आयुक्त पवन मीणा से सीधी बात

सवाल : सीज हुई दुकानों वापस कैसे संचालित हो गई?

जबाव : बोर्ड की बैठक में मामला आया था, हमने दुकानदार से चैक लिए है। पेनल्टी लगाई जाएगी।
सवाल : कितनी पेनल्टी लगाई गई है? क्या आप सीज हुई दुकान छोड़ सकते है?

जबाव : चैक लिए है। मामला डीएलबी को भेजा जाएगा। उसके बाद निर्णय होगा। पेनल्टी ढाई लाख से अधिक होगी।
सवाल : पेनल्टी भरने पर आंवटित दुकान में परिवर्तन किया जा सकता है?

जबाव : परिवर्तन नहीं हो सकता है। इसके लिए डीएलबी से मार्गदर्शन मांगा है।
सवाल : पालिका बाजार में कई ऐसी दुकानें है, जिसमें परिवर्तन किया हुआ है। आपने तीन दुकानों पर क्यों कार्रवाई की?

जबाव : सूची बनाई जा रही है। नियम तोडऩे वाले सभी पर कार्रवाई होगी।
सवाल : एक दुकानदार कोर्ट से स्टे लाया है? क्या आपने अपील लगाई?

जबाव : हां एक ने स्टे लिया है। इसके लिए नगर परिषद हाईकोर्ट जाएगी।

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