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संडे पोल में आपकी आवाज, जानिए शहरवासियों का दर्द

बाड़मेर

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Om Prakash Mali

•

Updated: 7 Feb 2026, 9:08 PM IST

सार्वजनिक श्मशान घाट

सार्वजनिक श्मशान घाट

आज का सवाल

बाड़मेर.

शहर के सार्वजनिक श्मशान घाट में व्याप्त अव्यवस्थाओं और असामाजिक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था के चलते अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानिए लोगों का दर्द

- अंतिम विदाई के लिए आने वाले परिजनों को शांति और सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन शहर के सार्वजनिक श्मशान घाट में अव्यवस्थाओं ने इस संवेदनशील घड़ी को और पीड़ादायक बना दिया है। - प्रेमप्रकाश, शहरवासी

- क्या श्मशान घाट भी प्रशासनिक उपेक्षा के दायरे में आ गया है? शहर के सार्वजनिक श्मशान घाट में फैली अव्यवस्था और नशा करने वाले असामाजिक तत्वों की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। - श्यामलाल, शहरवासी

- शहर स्थित सार्वजनिक श्मशान घाट की बदहाल स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है। अव्यवस्था, गंदगी और असामाजिक तत्वों की सक्रियता के चलते यह स्थान श्रद्धा के बजाय परेशानी का केंद्र बनता जा रहा है। - जुझारसिंह, शहरवासी

- के सार्वजनिक श्मशान घाट और उससे जुड़े पार्क में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोर हालत अब गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। असामाजिक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों से परिजनों में भय का माहौल है। - उम्मेदसिंह, स्थानीय निवासी